मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर को प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का उद्देश्य लोगों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है, जिसके लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निगरानी और कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने शासकीय तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति में सीपीसीटी परीक्षा की अनिवार्यता को बाधा नहीं बनने देने के संबंध में जल्द सकारात्मक निर्णय लेने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि पात्र कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिलना चाहिए और किसी को वंचित या रिवर्ट न किया जाए।
मध्य प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और गुजरात की तर्ज पर ‘एनालॉग पनीर’ के उत्पादन, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने नकली-मिलावटी एनालॉग पनीर की शिकायतों और होटलों में इसके इस्तेमाल के मद्देनजर यह प्रस्ताव तैयार किया है। जांच में पाया गया कि विक्रेता ग्राहकों को झांसा देकर शुद्ध दूध के पनीर की जगह सस्ते एनालॉग पनीर का उपयोग कर रहे थे। प्रस्ताव को अब संबंधित मंत्री की सहमति के लिए भेजा गया है, जिसके बाद प्रतिबंध लागू होगा।