पन्ना जिले के ग्राम अकला में तीन माह की मासूम रचना गोंड की टीकाकरण के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है, उनका कहना है कि टीका लगने के बाद बच्ची को तेज बुखार आया और समय पर उपचार नहीं मिला। हालांकि, एएनएम आरती अहिरवार ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बच्ची उल्टी-दस्त से पीड़ित थी और इलाज में देरी से उसकी जान गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
पन्ना शहर में सफाई के दौरान जमीन में दफन एक अविकसित मानव भ्रूण मिला, जिसके बाद हड़कंप मच गया। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर भ्रूण को कब्जे में लिया और जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मैस्कट अस्पताल पहुंची, जहां प्रसूति वार्ड के रजिस्टर और सीसीटीवी फुटेज की गहनता से जांच की गई। कोतवाली थाना प्रभारी रोहित मिश्रा ने बताया कि मर्ग कायम कर भ्रूण की उत्पत्ति, निस्तारण में लापरवाही और जिम्मेदार व्यक्तियों की वैज्ञानिक आधार पर जांच की जा रही है। शहर में पहले भी ऐसे भ्रूण मिल चुके हैं, जिससे स्वास्थ्य संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।