भोपाल में माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) परिसर में D.El.Ed अंतिम वर्ष के परिणाम में देरी के विरोध में लगभग 300 अभ्यर्थियों का तीन दिवसीय शांतिपूर्ण धरना जारी है। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी आज ही परिणाम घोषित करने और समय पर अंकसूची उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। उनकी मुख्य चिंता यह है कि 10 अगस्त से शुरू होने वाले प्राथमिक शिक्षक भर्ती के दस्तावेज सत्यापन में D.El.Ed अंकसूची के बिना वे शामिल नहीं हो पाएंगे, जिससे 10,000 पदों की भर्ती प्रक्रिया में उनका भविष्य प्रभावित हो सकता है।
जबलपुर की छात्रा अंशिका सिंह ने नीट परिणाम में 296 अंकों के कथित अंतर को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। उनका दावा है कि आंसर-की के आधार पर उनके 441 अंक बन रहे थे, जबकि आधिकारिक परिणाम में केवल 145 अंक दर्ज किए गए। छात्रा ने मूल्यांकन प्रक्रिया की जांच और परिणाम में कथित विसंगति को दूर करने की मांग की है। मामले की सुनवाई प्रशासनिक न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की युगलपीठ के समक्ष प्रस्तावित है, जिसमें अधिवक्ता दुर्गेश सिंगरोरे याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
जीवाजी विश्वविद्यालय ने सोमवार को 13 स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के परीक्षा परिणाम घोषित किए। इनमें नई शिक्षा नीति के तहत बीए और बीएससी ऑनर्स चौथे वर्ष की परीक्षाएं तथा दो पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के दूसरे सेमेस्टर के परिणाम शामिल हैं। विश्वविद्यालय ने परिणामों के साथ ऑनलाइन मार्कशीट उपलब्ध कराई है और अंकसंवीक्षा व उत्तरपुस्तिका अवलोकन के लिए सात दिन की समय सीमा निर्धारित की है। कई विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी विद डिस्टिंक्शन प्राप्त की है, जबकि कुछ परिणाम विथहेल्ड रखे गए हैं।
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2025 (भाग-2) का आयोजन 2 अगस्त (रविवार) को इंदौर और भोपाल संभाग के केंद्रों पर दो सत्रों में करेगा। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए केंद्रों पर सीसीटीवी, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD) तलाशी सहित नवीन त्रिस्तरीय जांच प्रक्रिया लागू की गई है। परीक्षार्थियों को 90 मिनट पूर्व पहुंचना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, MPPSC ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा-2024 के इकोनॉमिक्स विषय के 112 पदों की अंतिम चयन सूची इंटरव्यू के 24 घंटे के भीतर जारी कर दी है, ताकि चयनित अभ्यर्थी 2 अगस्त की परीक्षा में शामिल न हों।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10वीं की सेकंड बोर्ड परीक्षा 2026 के परिणाम जारी कर दिए हैं, जिसमें 96.78% छात्र उत्तीर्ण हुए हैं। मुख्य परीक्षा के बाद लगभग 6.7 लाख छात्रों ने इस परीक्षा के लिए आवेदन किया था। बोर्ड ने प्रतिस्पर्धा का दबाव कम करने के उद्देश्य से रैंक या टॉपर सूची जारी न करने का निर्णय लिया है। मेरिट सर्टिफिकेट DigiLocker के माध्यम से उपलब्ध होंगे। यह परीक्षा छात्रों को प्रदर्शन सुधारने का दूसरा मौका देने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शुरू की गई है।