सरकार ने परिसीमन के लिए आवश्यक आंकड़े जुटा लिए हैं और अब उसका ध्यान संसद में गतिरोध समाप्त करने पर है ताकि संविधान संशोधन विधेयक के रूप में परिसीमन प्रस्ताव पेश किया जा सके। गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष और अन्य मंत्रियों के साथ बैठक कर गतिरोध खत्म करने के विकल्पों पर चर्चा की। सरकार डीएमके और एनसीपी के शरद पवार गुट सहित विभिन्न दलों से समर्थन जुटाने का प्रयास कर रही है। विधेयक पारित करने के लिए 360 सांसदों के दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता है, जबकि सरकार को अभी चार सांसदों की कमी है। विपक्ष ने अपनी मांगों का दायरा बढ़ा दिया है, जिससे संसद सत्र की अंतिम तीन बैठकें महत्वपूर्ण हो गई हैं।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश किया, जिसमें संसद में राज्य के प्रतिनिधित्व को कम करने वाले किसी भी परिसीमन का विरोध किया गया है। प्रस्ताव में केंद्र से लोकसभा की कुल सीटों की संख्या 543 पर बरकरार रखने का आग्रह किया गया है। यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई एक परामर्श बैठक के बाद आया है, जिसमें दक्षिणी राज्यों पर परिसीमन के संभावित प्रभावों पर चर्चा हुई थी। मुख्यमंत्री विजय ने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को 2029 के लोकसभा चुनाव में मौजूदा 543 सीटों के आधार पर लागू करने की भी मांग की, इसे सामाजिक न्याय बताया।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की चुनौती का जवाब देते हुए महिला आरक्षण कानून लागू न होने पर केंद्र सरकार से सवाल किया है। उन्होंने पूछा कि आखिर इस कानून को लागू करने की प्रक्रिया को लोकसभा में परिसीमन की प्रक्रिया से क्यों जोड़ा जा रहा है। गांधी ने रिजिजू को याद दिलाया कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में ही सर्वसम्मति से पारित हो चुका है और कांग्रेस ने इसे पूर्ण समर्थन दिया था। यह जवाब शनिवार को दिया गया।