मध्य प्रदेश के धार जिले में डेकाकुंड-टांडा रोड रेलखंड पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से रेलवे इंजन का सफल परीक्षण किया गया। प्रधान मुख्य विद्युत अभियंता रजनीश कुमार गोयल के नेतृत्व में हुए इस हाई-स्पीड ट्रायल ने क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी को बढ़ावा दिया है। यह रेलखंड धार को गुजरात से सीधा जोड़ेगा, जिससे व्यापार, रोजगार, चिकित्सा और शिक्षा के नए अवसर खुलेंगे। रेलवे सूत्रों के अनुसार, दिसंबर 2026 तक इस मार्ग पर यात्री ट्रेनों का परिचालन शुरू होने की संभावना है।
पश्चिम रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की है। इंदौर-प्रयागराज (सूबेदारगंज) स्पेशल ट्रेन को झींझक स्टेशन पर अतिरिक्त ठहराव दिया गया है, जिससे इस रूट के यात्रियों को लाभ होगा। इंदौर से चलने वाली ट्रेन 8 अगस्त से 29 सितंबर तक और सूबेदारगंज से चलने वाली ट्रेन 7 अगस्त से 28 सितंबर तक झींझक में रुकेगी। इसके अतिरिक्त, अहमदाबाद-पटना स्पेशल ट्रेन का एक फेरा बढ़ाया गया है, जिसकी शुरुआत 12 अगस्त 2026 को अहमदाबाद से होगी। वहीं, भादली स्टेशन पर ब्लॉक के कारण हि-हैदराबाद एक्सप्रेस 11 अगस्त को भुसावल-अकोला-पूर्णा मार्ग से चलेगी।
इंदौर – फतेहाबाद चंद्रावतीगंज एवं डॉ. अंबेडकर नगर (महू) – इंदौर रेलखंड ने 150 वर्षों से अधिक की गौरवशाली यात्रा पूरी की है। तीन अगस्त 1876 को शुरू हुए इस रेलखंड ने मालवा क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में अहम भूमिका निभाई। पश्चिम रेलवे का रतलाम मंडल इस ऐतिहासिक मार्ग के आधुनिकीकरण, विरासत संरक्षण और यात्री सुविधाओं के विकास पर निरंतर कार्य कर रहा है। लगभग 21 किमी महू-इंदौर और 40 किमी फतेहाबाद चंद्रावतीगंज-इंदौर मीटरगेज रेलखंड को अब ब्रॉडगेज में परिवर्तित कर आधुनिक सिग्नलिंग और उन्नत सुविधाओं से लैस किया गया है, जो प्रतिदिन हजारों यात्रियों को सेवा प्रदान कर रहा है।
इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन परियोजना में 2957 मीटर लंबी सुरंग में लाइनिंग का कार्य पूर्ण हो गया है। पश्चिम रेलवे के अनुसार, यह कार्य सुरंग को स्थायित्व और सुरक्षा प्रदान करता है। परियोजना में 1216 मीटर बैलास्टलेस ट्रैक का निर्माण भी पूरा हो चुका है, जबकि 810 मीटर पर कार्य प्रगति पर है। पीसीसी फाइनल और फर्स्ट लेयर का अधिकांश काम भी संपन्न हो गया है। आपातकालीन शरण स्थल, रेस्क्यू शाफ्ट और वेंटिलेशन डक्ट का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है। टीही से धार के बीच 95% सिग्नलिंग कार्य भी पूरा हो गया है। यह परियोजना मध्य प्रदेश और गुजरात के बीच रेल संपर्क को मजबूत करेगी।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल ने यात्रियों की सुविधा और बढ़ती यात्रा मांग के मद्देनजर 10 जोड़ी विशेष किराये पर संचालित स्पेशल ट्रेनों के फेरे बढ़ाए हैं। इनमें इंदौर से चलने वाली द्विसाप्ताहिक इंदौर-मुंबई सेंट्रल स्पेशल और इंदौर-हजरत निजामुद्दीन स्पेशल ट्रेनें शामिल हैं। जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार, मुंबई सेंट्रल-इंदौर स्पेशल 28 अगस्त तक, इंदौर-मुंबई सेंट्रल स्पेशल 29 अगस्त तक चलेगी। इसके अतिरिक्त, मुंबई सेंट्रल-इंदौर स्पेशल 30 अगस्त तक और इंदौर-मुंबई सेंट्रल स्पेशल 31 अगस्त तक संचालित होगी। इंदौर-हजरत निजामुद्दीन स्पेशल 30 अगस्त तक और हजरत निजामुद्दीन-इंदौर स्पेशल 31 अगस्त तक चलेगी।
रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए ग्वालियर-साबरमती-ग्वालियर एक्सप्रेस के संचालन में बदलाव किया है। पश्चिम रेलवे ने ट्रेन क्रमांक 22547-22548 ग्वालियर-साबरमती एक्सप्रेस का टर्मिनल साबरमती से बदलकर गांधीग्राम कर दिया है। इसके साथ ही, ट्रेन को चांदखेड़ा रोड स्टेशन पर नया ठहराव दिया गया है। झांसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह के अनुसार, ट्रेन क्रमांक 22547 ग्वालियर-गांधीग्राम एक्सप्रेस 26 अगस्त से सप्ताह में तीन दिन गांधीग्राम तक संचालित होगी, जबकि ट्रेन क्रमांक 22548 गांधीग्राम-ग्वालियर एक्सप्रेस का संचालन 27 अगस्त से शुरू होगा।
पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने नागदा-गोधरा रेलखंड पर 302 रूट किलोमीटर में स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ को पूरी तरह से लागू कर दिया है। 20 जुलाई को पंचपिपलिया-मंगल महुड़ी के 78 रूट किलोमीटर पर सफल कमीशनिंग के साथ यह प्रणाली अब पूरे खंड पर कार्यशील है। यह दिल्ली-मुंबई उच्च घनत्व रेल मार्ग पर यात्री सुरक्षा को मजबूत करने और ट्रेनों की अधिकतम गति 160 किमी प्रति घंटे तक बढ़ाने के मिशन रफ्तार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
पश्चिम रेलवे उज्जैन सिंहस्थ-2028 को देखते हुए इंदौर के राजेंद्र नगर रेलवे स्टेशन पर एक नई स्टेब्लिंग लाइन बिछाने की तैयारी कर रहा है। यह लाइन ट्रेनों, इंजनों और मालगाड़ियों की पार्किंग के लिए उपयोग की जाएगी, क्योंकि इंदौर मुख्य रेलवे स्टेशन पर पर्याप्त जगह नहीं है। इससे महू जैसे अन्य स्टेशनों पर ट्रेनों को भेजने की आवश्यकता कम होगी, जिससे रेलवे को खर्च और समय की बचत होगी। यह ट्रैफिक नियंत्रण में भी सहायक होगी। साथ ही, मनमाड़-इंदौर नई ब्रॉडगेज रेल लाइन परियोजना में भी तेजी आई है, जिसमें मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया तेज हो गई है।
पश्चिम रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और बढ़ती मांग के चलते लक्ष्मीबाई नगर (इंदौर)-श्रीगंगानगर और हिसार-वलसाड साप्ताहिक स्पेशल ट्रेनों के फेरे बढ़ा दिए हैं। जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार, 04736 लक्ष्मीबाई नगर-श्रीगंगानगर स्पेशल 14 अगस्त तक और 04735 श्रीगंगानगर-लक्ष्मीबाई नगर स्पेशल 13 अगस्त तक चलेगी। वहीं, 04727 हिसार-वलसाड स्पेशल 12 अगस्त तक और 04728 वलसाड-हिसार स्पेशल 13 अगस्त तक संचालित होगी। सांसद शंकर लालवानी के प्रयासों से भी इन सेवाओं का विस्तार हुआ है।
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने पश्चिम रेलवे के जीएम रामश्रय पांडे को पत्र लिखकर इंदौर की रेल सुविधाओं की उपेक्षा पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि पश्चिम रेलवे ने इंदौर को अनाथ समझ लिया है। यात्री गाड़ियों की संख्या बढ़ाने के बजाय अन्य रेलवे ज़ोन से मिले प्रस्तावों को लंबित रखा गया है। महाजन ने जयपुर-इंदौर, रीवा-इंदौर ट्रेन प्रस्तावों के लंबित होने, पीएम द्वारा उद्घाटित MEMU सेवा का रैक हटाने, पुणे ट्रेन के बंद होने और त्रिवेंद्रम एक्सप्रेस के फेरे न बढ़ाने जैसे कई मुद्दों को उठाया।