उज्जैन में भगवान महाकालेश्वर की सोमवार को निकलने वाली राजसी सवारी के लिए पुलिस ने अभेद सुरक्षा घेरा तैयार किया है। सवारी मार्ग और आसपास 2000 से अधिक पुलिस अधिकारी-कर्मचारी तैनात रहेंगे, जिनमें 100 से ज्यादा सादी वर्दीधारी जवान शामिल हैं। 10 ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। इंदौर, देवास सहित कई जिलों से अतिरिक्त बल बुलाया गया है। यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है, जिसमें 20 मार्गों पर प्रतिबंध और सात स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था शामिल है।
भिंड के दंदरौआ धाम में बुढ़वा मंगल मेले की तैयारियों का एएसपी प्रदीप पटेल ने निरीक्षण किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना के बावजूद, यातायात और पार्किंग व्यवस्थाएं अभी पूरी तरह ज़मीन पर नहीं दिख रही हैं। एएसपी ने मंदिर, मेला परिसर और चिह्नित पार्किंग स्थलों का जायजा लिया। पुलिस भीड़ नियंत्रण, पैदल श्रद्धालुओं और वाहनों को अलग रखने तथा सीसीटीवी निगरानी पर ध्यान दे रही है, साथ ही पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती भी की जाएगी।
इंदौर रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के दावों के बावजूद जमीनी हकीकत भिन्न है। प्लेटफार्म एक के प्रवेश और निकास द्वार पर अवैध रूप से ऑटो खड़े होने से निजी वाहनों को आवागमन में दिक्कत होती है। पुनर्निर्माण के कारण पार्किंग क्षेत्र बंद होने से वाहनों की पार्किंग की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। सुरक्षा जांच मशीन भी लंबे समय से बंद है, जिससे सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। कई यात्री प्लेटफार्म पांच व छह की जानकारी के अभाव में भटकते हैं, जिसका फायदा ऑटो चालक उठाते हैं। हालांकि, वातानुकूलित प्रतीक्षा कक्ष और साफ-सफाई जैसी अन्य सुविधाएं उचित पाई गईं।
उज्जैन पुलिस ने श्रावण मास में महाकाल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विस्तृत यातायात एवं डायवर्जन प्लान जारी किया है। भारी भीड़, सोमवार सवारी और कावड़ यात्राओं को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। इसमें चार पहिया और दो पहिया वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग स्थल, कालभैरव मंदिर जाने के वैकल्पिक मार्ग और सोमवार की सवारी के दौरान होने वाले डायवर्जन की जानकारी शामिल है। पुलिस ने श्रद्धालुओं से प्रतिबंधित मार्गों पर वाहन नहीं ले जाने की अपील की है।
श्रावण मास में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक बदलाव किए हैं। लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सामान्य, शीघ्र दर्शन टिकटधारी और प्रोटोकॉल श्रेणी के लिए अलग प्रवेश एवं निकासी मार्ग निर्धारित किए गए हैं। पूरे नगर में वन-वे ट्रैफिक, नई पार्किंग व्यवस्था तथा पैदल आवागमन की सुव्यवस्थित योजना लागू की जाएगी। खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता के अनुसार, यह व्यवस्था अगले दो-तीन दिनों में लागू हो जाएगी, जिसका उद्देश्य सुरक्षित और सुगम दर्शन सुनिश्चित करना है।
उज्जैन में महाकाल मंदिर पार्किंग के लिए उपयोग की जा रही 40 हजार वर्गफीट शासकीय भूमि की रजिस्ट्री को लेकर उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की गई है। न्यायालय ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर पूछा है कि शासकीय जमीन की रजिस्ट्री कैसे हो गई। एडवोकेट जयेश गुरनानी ने बताया कि यह जमीन 1950 में शासकीय कारखाने के नाम दर्ज थी, पर बाद में निजी नाम दर्ज हो गए। तहसीलदार की अनुशंसा के बावजूद यह जमीन एक कंपनी को पंजीकृत कर दी गई थी। न्यायालय ने सिंहस्थ 2028 का भी उल्लेख किया।