मुरैना जिले में ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों की सुरक्षा और समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु ट्रांसजेंडर प्रोटेक्शन सेल का गठन किया गया है। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ द्वारा जारी आदेशानुसार, पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा को इसका अध्यक्ष बनाया गया है। यह सेल ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करेगी, उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और पहचान प्रमाण-पत्र बनवाने में सहायता प्रदान करेगी। इसका गठन केंद्र सरकार के ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम-2019 तथा नियम-2021 के तहत हुआ है, जिसका उद्देश्य समुदाय को सम्मानजनक, सुरक्षित और समान अवसर उपलब्ध कराना है।
मध्य प्रदेश में लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू को बीते साढ़े छह वर्षों में 50,453 शिकायतें मिलीं, जिनमें से केवल 486 मामले ही अदालत तक पहुंच पाए। विधानसभा में सरकार द्वारा दी गई इस जानकारी से भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई की धीमी गति उजागर हुई है। लोकायुक्त को 27,192 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 477 मामलों में चालान पेश हुए, जबकि ईओडब्ल्यू को 23,261 आवेदनों में से केवल 9 मामलों में ही अभियोग पत्र प्रस्तुत किया जा सका। सेवानिवृत्त डीएसपी आरके सिंह ने बहुस्तरीय जांच प्रक्रिया को देरी का मुख्य कारण बताया।
ग्वालियर के भितरवार क्षेत्र की एक युवती ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर चार युवकों पर अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया है। युवती का कहना है कि नौ मई 2026 की रात उसके घर में घुसकर उसे जबरन ले जाया गया और दुष्कर्म किया गया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि भितरवार थाने ने उसकी एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया और उसे चुप रहने की धमकी दी। अब उसने एसपी से न्याय और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायत महिला थाने भेज दी गई है और जांच जारी है।