इंदौर के खजराना थाना के पूर्व टीआई दिनेश वर्मा को ‘पाकेट गवाह’ मामले में गंभीर अनियमितताओं का दोषी पाया गया है। पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने उन्हें तीन वर्षों के लिए निरीक्षक से उप निरीक्षक पद पर पदावनत करने का आदेश दिया। वर्मा पर आरोप है कि उन्होंने 2020 से 2023 के बीच 742 मामलों में इरशाद और 504 मामलों में नवीन नामक व्यक्तियों को बार-बार गवाह बनाया, जिनमें हत्या, दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराध शामिल थे। जांच में उनके द्वारा पुलिस रेगुलेशन के उल्लंघन और विवेचना की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होने की बात सामने आई है। वर्मा के बचाव तर्कों को असंतोषजनक पाया गया है।
जबलपुर हाई कोर्ट की न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ ने एक आपराधिक मामले में शिकायतकर्ता की लगातार अनुपस्थिति पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने भोपाल पुलिस कमिश्नर को विस्तृत हलफनामा पेश करने और शिकायतकर्ता शाहिद अख्तर की ट्रायल कोर्ट में उपस्थिति सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। यह मामला भोपाल निवासी जितेंद्र सिंह ठाकुर द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिका से संबंधित है, जिसमें जमीन धोखाधड़ी का आरोप है। कोर्ट ने समन और वारंटों की तामील न होने पर आंतरिक जांच के भी आदेश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई तीन अगस्त, 2026 को होगी।