मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश के चलते बांध, तालाब और झरने सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गए हैं। जलस्तर बढ़ने से होने वाले संभावित हादसों को रोकने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। राज्य सरकार ने सभी जिला प्रशासनों और नगर पालिकाओं को घाटों, बांधों और वॉटरफॉल्स के आसपास पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और पुलिस बल तैनात करने के सख्त निर्देश दिए हैं। सीवर चैंबरों का सर्वे और मरम्मत के भी आदेश दिए गए हैं। साथ ही, नदियों, झरनों और बांधों के पास जान जोखिम में डालकर रील या सेल्फी लेने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और नावों के संचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है।
मध्य प्रदेश में साइबर ठगी के मामलों में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है, जहाँ एक वर्ष में 600 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी दर्ज की गई है। इन अपराधों की जांच के लिए साइबर पुलिस के पास केवल 300 कर्मी हैं, जिनमें आईटी एक्ट के तहत विवेचना के लिए केवल 19 निरीक्षक अधिकृत हैं। आरोपितों का अंतरराज्यीय नेटवर्क और पहचान छिपाने की प्रवृत्ति जांच को जटिल बनाती है। संसाधनों की कमी और अलग कैडर न होने के कारण जांच में देरी होती है, जबकि पिछले चार वर्षों में ठगी की राशि में 1100 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।