ग्वालियर में लाइनमैन हरिओम शर्मा के बेटे हिमांशु शर्मा मंगलवार को ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर एसपी कार्यालय की जनसुनवाई में पहुंचे। उनके पिता चार महीने पहले बिजली सुधार कार्य के दौरान गंभीर रूप से झुलस गए थे, लेकिन अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। हिमांशु का आरोप है कि पुलिस अधिकारियों के पास शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वह पिता को एसपी कार्यालय लाकर लिटा देंगे। परिवार ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
ग्वालियर के सिटी सेंटर में कोचिंग से लौट रहे 12वीं के दो छात्रों पर आधा दर्जन बदमाशों ने सरिये और बेल्ट से हमला कर दिया। छात्रों को बेरहमी से पीटा गया और उनकी पीठ पर चोटों के निशान हैं। पीड़ितों ने यूनिवर्सिटी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। वहीं, मुरार इलाके में 16 वर्षीय छात्रा से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है, जिसमें आरोपी रोहित शर्मा पर पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी छात्रा का पीछा कर रहा था और मोबाइल नंबर मांग रहा था।
भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र में एक 29 वर्षीय युवती ने छेड़छाड़ और पीछा करने की शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता का आरोप है कि 12 जुलाई को सुबह 8:40 बजे स्कूटी सवार युवक ने उनका पीछा किया और अश्लील इशारे किए। लिखित शिकायत के बावजूद पुलिस ने अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की है, जिससे आरोपित खुलेआम घूम रहा है और पीड़िता असुरक्षित महसूस कर रही है। यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि मिसरोद थाना पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के नवाचार के तहत दो थाना प्रभारियों द्वारा संचालित है, फिर भी त्वरित कार्रवाई न होने से पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
बंगाली अभिनेत्री श्रीलेखा मित्रा के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आपत्तिजनक पोस्टर पकड़ने के आरोप में कई शिकायतें दर्ज की गई हैं। भाजपा नेता केया घोष ने कोलकाता के आनंदपुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराते हुए उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। अभिनेत्री पर शुक्रवार को कोलकाता में एक छात्र विरोध प्रदर्शन के दौरान पोस्टर दिखाने का आरोप है। श्रीलेखा ने सफाई में कहा है कि भीड़ अधिक होने के कारण वह पोस्टर को ध्यान से नहीं देख पाई थीं और उन्होंने केवल एक कैरिकेचर देखा था। आनंदपुर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इंदौर के एक बड़े कारोबारी से 10 करोड़ रुपए के लोन का झांसा देकर 1 करोड़ रुपए ठगे गए थे, जिसे अब जिला कोर्ट के आदेश पर पूरी तरह वापस कर दिया गया है। एक्सिस बैंक ने कोर्ट के निर्देश पर आरोपियों के फ्रीज किए गए खातों से राशि कारोबारी के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर की। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी बड़ी रकम की वापसी साइबर ठगी के मामलों में एक महत्वपूर्ण मिसाल है, जो समय पर शिकायत और खाते फ्रीज होने से संभव हुई।