मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले के ग्राम खरपाई में बोंदर सिंह चौहान (45) के शव का ग्रामीणों ने मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार नहीं करने दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मृतक ईसाई धर्म का पालन करता था और आदिवासी रीति-रिवाजों का सम्मान नहीं करता था। विवाद बढ़ने पर नानपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। अंततः, परिजनों ने मृतक की निजी भूमि पर अंतिम संस्कार संपन्न किया। परिजनों ने इस घटना को अंतिम संस्कार पर राजनीति करार देते हुए दुख व्यक्त किया और बताया कि बोंदर सिंह एक वर्ष से गंभीर बीमारी से पीड़ित थे।
मुरैना में 37 वर्षीय स्कूल बस ड्राइवर रामकुमार उर्फ बंटी की सीने में दर्द के बाद मौत हो गई। परिजनों ने जिला अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में 15 मिनट की देरी और लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। उन्होंने नर्स, सुरक्षा गार्ड और पुलिसकर्मी पर धक्कामुक्की व मारपीट का भी आरोप लगाया। बाद में, मृतक के स्वजनों और ग्रामीणों ने कलेक्टर बंगले का घेराव किया, जहां डॉक्टरों पर इलाज के लिए पैसे मांगने के आरोप भी लगाए गए। एसडीएम रामनिवास सिकरवार के कार्रवाई और आर्थिक मदद के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ।