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इंदौर में दिनभर रिमझिम वर्षा, आगामी 3-4 दिन भी जारी रहने के आसार

इंदौर में बुधवार को दिनभर बादल छाए रहे और हल्की वर्षा दर्ज की गई। रीगल क्षेत्र में 20.25 मिमी और एयरपोर्ट क्षेत्र में 18.7 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई। मौसम विज्ञानियों ने अगले तीन से चार दिनों तक इंदौर शहर और संभाग में रुक-रुककर हल्की वर्षा जारी रहने का अनुमान लगाया है। बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र और दक्षिण मध्य प्रदेश में सक्रिय शियर जोन इस मौसम परिवर्तन के मुख्य कारण हैं।

देश के बड़े हिस्से में भारी बारिश का अनुमान, कई राज्यों में बाढ़ का खतरा

देश के बड़े हिस्से में भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है, जिसमें पूर्वी राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब, उत्तराखंड और पश्चिमी मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान के कुछ जिलों में अचानक बाढ़ और जलभराव का खतरा भी बताया गया है। स्पाइसजेट ने मुंबई में खराब मौसम के कारण उड़ानों के प्रभावित होने की सूचना दी है। समुद्री इलाकों में भी खराब मौसम का अनुमान है।

मध्य प्रदेश में औसत से 18% कम बारिश, 49 जिलों में सूखे जैसी स्थिति

मध्य प्रदेश में मानसून सीजन का आधे से अधिक समय बीतने के बावजूद बारिश सामान्य से 18% कम है, जिससे 49 जिलों में सूखे जैसी स्थिति बन गई है और खेती प्रभावित होने की आशंका है। प्रदेश में अब तक 413.3 मिमी बारिश हुई है, जो अपेक्षित 507.2 मिमी से 94 मिमी कम है। हालांकि, मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक कई हिस्सों में तेज बारिश का अनुमान जताया है, जिसमें एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मानसून की कमी पूरी होने की उम्मीद है।

ग्वालियर में 2 से 8 अगस्त तक मानसूनी गतिविधियां तेज होंगी

ग्वालियर में अगस्त महीने की शुरुआत के साथ ही मौसम में बदलाव की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 2 से 8 अगस्त के बीच मानसूनी गतिविधियां तेज होंगी। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय नए कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से हल्की से मध्यम और कुछ दिन तेज वर्षा हो सकती है। इससे अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी।

मध्य प्रदेश में 13% कम बारिश, अगले 4 दिन भारी वर्षा की संभावना नहीं

मध्य प्रदेश में जुलाई की जोरदार बारिश के बावजूद मानसून की कमी पूरी नहीं हो सकी है, जहां अब तक सामान्य से 13 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। प्रदेश के 42 जिले, जिनमें भोपाल और जबलपुर भी शामिल हैं, अभी भी औसत से कम वर्षा वाले हैं। मौसम विभाग के अनुसार, सक्रिय मौसम प्रणालियों के कमजोर पड़ने के कारण अगले चार दिनों तक व्यापक भारी बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि, अगस्त में नए मौसम तंत्र बनने पर बारिश का दौर फिर तेज हो सकता है।

मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय, छह जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी

मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जिससे अगले चार दिनों तक भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने सोमवार को उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में कई मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं, जो 27 से 30 जुलाई के बीच बारिश की गतिविधियों को तेज करेंगी। हालांकि, राज्य में अभी भी औसत से 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, लेकिन आगामी वर्षा से इस कमी को काफी हद तक पूरा होने की उम्मीद है।

इंदौर में 23 और 24 जुलाई को तेज बारिश के आसार, अलर्ट जारी

इंदौर में 23 और 24 जुलाई को तेज वर्षा के आसार हैं, जबकि बुधवार को शहर में रुक-रुककर हल्की वर्षा दर्ज की गई। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, उत्तरी मध्य प्रदेश पर बना एक ऊपरी हवा का चक्रवात आगामी दिनों में पश्चिमी मध्य प्रदेश, जिसमें इंदौर और उज्जैन शामिल हैं, पर आएगा, जिससे तेज वर्षा की संभावना है। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, रीगल क्षेत्र में इस मानसून सीजन में 350 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। सुहावने मौसम के चलते चिड़ियाघर में भी आगंतुकों की संख्या में वृद्धि देखी गई।

ग्वालियर में मानसून सक्रिय: अगले चार दिन तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान

ग्वालियर अंचल में मानसून पुनः सक्रिय हो गया है, जहाँ धीमी व रिमझिम बारिश पूरे जिले में समान रूप से हो रही है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बुधवार से पूरे जिले में बारिश की संभावना है और गुरुवार को मध्यम से तेज बारिश हो सकती है। आगामी चार दिन तक यह दौर जारी रहने का अनुमान है, जिसका कारण मानसूनी ट्रफ का अंचल की ओर खिसकना और पांच चक्रवातीय सिस्टमों की उपस्थिति है। बारिश से उमस कम हुई है और तापमान सामान्य से नीचे है।