मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय से सिंगल क्लिक के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की कुल ₹311 करोड़ की राशि पात्र हितग्राहियों के खातों में अंतरित की। इसमें 35 लाख 25 हजार से अधिक बुजुर्गों और दिव्यांगों के खातों में जुलाई 2026 की पेंशन के रूप में ₹211.53 करोड़ पहुंचे। वहीं, 22 लाख 20 हजार से अधिक बहनों के खातों में अप्रैल और मई 2026 की गैस सिलेंडर रिफिल की ₹99 करोड़ की सब्सिडी जमा की गई।
मध्यप्रदेश में 10 लाख से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों का महंगाई भत्ता अगले वित्तीय वर्ष में 18 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। सरकार वित्तीय वर्ष 2027-28 के बजट में विभागों के स्थापना व्यय में 78 प्रतिशत महंगाई भत्ता प्रावधानित करेगी। वर्तमान में महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत है, जबकि केंद्र सरकार इसे 62 प्रतिशत कर चुकी है। प्रदेश सरकार ने अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और कमजोर मानसून के कारण वृद्धि का निर्णय नहीं लिया है। कर्मचारी और पेंशनर संगठन लगातार महंगाई भत्ता बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने 18 अगस्त को आंदोलन की घोषणा की है।
भारतीय विनिर्माण क्षेत्र पांच साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है, जबकि भारतीय रेलवे की माल ढुलाई में 9% की वृद्धि हुई और यात्री संख्या 63 करोड़ से अधिक हो गई। हिमाचल प्रदेश में पेंशनरों ने चिकित्सा बिलों और एरियर के भुगतान में देरी पर नाराजगी व्यक्त की है, वहीं नांदेड़ में हनी-ट्रैप मामले में पांच लोग गिरफ्तार किए गए हैं। हमीरपुर में स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां शुरू हो गई हैं और सीबीएसई स्कूलों में अंग्रेजी व गणित के लिए अतिरिक्त शिक्षक नियुक्त किए गए हैं। जम्मू में एक व्यक्ति लापता है, जबकि ऑस्ट्रेलिया में एक पूर्व रग्बी कोच पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगा है।
रेलवे बोर्ड ने सेवानिवृत्त रेलकर्मियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों की पास संबंधी समस्या का समाधान करते हुए नया आदेश जारी किया है। अब वे एचआरएमएस या मैनुअल, अपनी सुविधा अनुसार पास और पीटीओ प्राप्त कर सकेंगे। यह बदलाव नवदुनिया द्वारा 27 जुलाई को मुद्दा उठाए जाने के छह दिन बाद हुआ। हजारों पेंशनभोगी, विधवाएं और दिव्यांग कर्मचारी, जिन्हें डिजिटल जानकारी नहीं थी, इस बाध्यता से जूझ रहे थे। रेलवे बोर्ड ने मैनुअल पास जारी करने वाले स्थानों पर हेल्प डेस्क और सुविधा केंद्र स्थापित करने के भी निर्देश दिए हैं। इस व्यवस्था की छह महीने बाद समीक्षा की जाएगी, जिससे हजारों रेलकर्मियों को बड़ी राहत मिलेगी।