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थरूर ने माना: पेपर लीक पर कांग्रेस का प्रदर्शन CJP जितना प्रभावी नहीं

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शुक्रवार को स्वीकार किया कि पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस का ‘छात्रों की गूंज’ अभियान कॉकरेच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन जितना प्रभावी नहीं रहा। उन्होंने मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान यह बात कही और सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस छात्रों की नब्ज समझने में नाकाम रही। सीजेपी ने 20 जून से नीट-यूजी 2026 पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया था, जिसे देश का पहला जेन जी प्रदर्शन कहा गया। कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई ने भी 12 मई को दिल्ली में प्रदर्शन किया था, और राहुल गांधी ने 17 जून को ‘छात्रों की गूंज’ अभियान शुरू किया था।

नीट विवाद के बाद भाजपा का मध्य प्रदेश में जेन-जी छात्रों से संपर्क अभियान

मध्य प्रदेश में नीट परीक्षा विवाद के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जेन-जी छात्रों से जुड़ने के लिए एक अभियान शुरू किया है। भाजपा युवा मोर्चा नीट की तैयारी कर रहे छात्रों के घर जाकर उन्हें सरकार द्वारा पेपर लीक मामले में की गई कार्रवाई और भविष्य की व्यवस्थाओं से अवगत करा रहा है। छात्रों और उनके स्वजनों से फीडबैक तथा सुझाव एकत्र किए जा रहे हैं, जिन्हें केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जाएगा। महिला मोर्चा भी छात्राओं से संवाद कर रही है। युवा मोर्चा अध्यक्ष श्याम टेलर के अनुसार, हाल ही में 100 सफल नीट छात्रों को सम्मानित किया गया है और इंटरनेट मीडिया के माध्यम से भी संपर्क किया जा रहा है।

सीजेपी प्रमुख दीपके ने पीएम मोदी से कहा: ‘कुर्सी छोड़ें, इन्फ्लुएंसर बनें’

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। दीपके ने पीएम मोदी के इंस्टाग्राम वीडियो पर तंज कसते हुए उन्हें इन्फ्लुएंसर बनकर प्रधानमंत्री पद छोड़ने की सलाह दी। उन्होंने एंटी-पेपर लीक बिल के प्रभावी अमल पर सवाल उठाए, कहा कि बिना सही नीयत के कानून समस्या का समाधान नहीं कर सकते। दीपके ने पेपर लीक मामले की सुनवाई स्थगित होने और सीबीआई वकील की अनुपस्थिति का उदाहरण दिया। उन्होंने छात्र प्रदर्शनों, पुलिस कार्रवाई, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और सरकार द्वारा वादों के कथित उल्लंघन पर भी टिप्पणी की।

सीजेपी प्रवक्ता रांका ने पेपर लीक विधेयक पर सवाल उठाए, सरकार से रोकथाम पर चर्चा की मांग

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने संसद द्वारा पारित पेपर लीक विधेयक पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि विधेयक केवल पेपर लीक होने के बाद की सजा और जुर्माने पर केंद्रित है, जबकि सरकार को पेपर लीक रोकने के ठोस उपायों पर ध्यान देना चाहिए। रांका ने परीक्षा व्यवस्था की खामियों को दूर करने, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में सुधार, परीक्षा कार्यक्रम और पाठ्यक्रम में पारदर्शिता, कोचिंग सेंटरों की जांच तथा डिजिटल जांच सहित पांच सूत्रीय मांगें रखीं। उन्होंने सरकार से छात्रों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों से बातचीत करने की भी अपील की।

शशि थरूर ने सार्वजनिक परीक्षा विधेयक पर कहा: केवल दंड से समस्या का समाधान नहीं, सिस्टम सुधारें

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक-2026 पर चर्चा के दौरान कहा कि विधेयक स्वागतयोग्य है, लेकिन यह अकेले समस्या का समाधान नहीं करेगा। थरूर ने तर्क दिया कि लक्ष्य केवल पेपर लीक करने वालों को दंडित करना नहीं, बल्कि एक ऐसी व्यवस्था बनाना होना चाहिए जिसमें पेपर लीक लगभग असंभव हो जाए। उन्होंने परीक्षा प्रणाली, एनटीए की कार्यप्रणाली, फास्ट-ट्रैक अदालतों, साइबर सुरक्षा और उच्च शिक्षा में सीटों की संख्या बढ़ाने जैसे कई अहम सुधारों की मांग की।

NEET पेपर लीक आंदोलन पर बनेगी फिल्म ‘द एक्सीडेंटल कॉकरोच पार्टी’

गोवंश अखाड़ा के गोविंद देव ‘ब्रह्म’ ने दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के नीट पेपर लीक आंदोलन पर ‘द एक्सीडेंटल कॉकरोच पार्टी’ नामक फिल्म बनाने की घोषणा की है। जयपुर में की गई इस घोषणा के अनुसार, फिल्म आंदोलन के पीछे की उन परतों और कथित राजनीतिक साजिशों को उजागर करेगी जो आम लोगों के सामने नहीं आ सकीं। गोविंद देव ‘ब्रह्म’ ने छात्रों की मांगों को जायज ठहराया, लेकिन आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने इस असली मुद्दे का इस्तेमाल अपने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया। उन्होंने फिल्म की स्क्रिप्ट लिखने की बात कही है।

कॉकरोच जनता पार्टी का दावा: सरकार प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामले वापस लेगी

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने दावा किया है कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने का आश्वासन दिया है। संगठन के प्रवक्ता सौरभ दास ने बताया कि बिहार और असम के बाद अब राजस्थान में भी किसी तरह की कार्रवाई न करने की गारंटी मिली है। दिल्ली पुलिस के प्रतिनिधियों से हुई एक बैठक में यह भरोसा दिलाया गया। सीजेपी ने प्रदर्शनकारियों से संयम बनाए रखने की अपील की है और कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए एक वेबसाइट शुरू करने की घोषणा की है, जिसमें राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने एक करोड़ रुपये की सहायता दी है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि वादे पूरे नहीं हुए तो वे फिर से आंदोलन करेंगे।

नेयू ने एमपीपीएससी, एमपीईएसबी में अनियमितताओं का आरोप लगाया, 87-13 फॉर्मूला खत्म करने की मांग

नेशनल एजुकेशन यूथ यूनियन (नेयू) के पदाधिकारियों ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) और मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (एमपीईएसबी) में अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उन्होंने वर्ष 2019 से भर्ती परीक्षाओं के परिणामों में 87-13 प्रतिशत के फॉर्मूले को समाप्त करने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। नेयू ने 13 प्रतिशत होल्ड सूची के अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने, साक्षात्कार के अंक अधिकतम 100 निर्धारित करने और प्रारंभिक परीक्षा शुल्क समाप्त करने की भी मांग की। संगठन ने पुलिस पर उनके परिवार के सदस्यों को परेशान करने का आरोप भी लगाया।

छात्र प्रदर्शन पर जवाब से पहले पेपर लीक बिल पर चर्चा नहीं: विपक्ष

लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा से पहले विपक्ष ने छात्र प्रदर्शन पर सरकार से जवाब मांगा है। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने स्पष्ट किया है कि वे विधेयक के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को अपना पक्ष स्पष्ट करना होगा। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई वरिष्ठ नेता चर्चा में हिस्सा लेंगे। संसद सत्र से पहले मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यालय में इंडिया गठबंधन की बैठक में संयुक्त रणनीति तैयार की गई। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने विधेयक पेश किया, जिसका उद्देश्य पेपर लीक के खिलाफ सजा को सख्त करना है।

नीट विवाद: पुलिस कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख, स्वतंत्र जांच के संकेत

सुप्रीम कोर्ट ने नीट पेपर लीक मामले पर छात्र आंदोलनों में पुलिस ज्यादती के आरोपों पर अंतरिम आदेश दिया। अदालत ने 18 वर्ष से कम उम्र के आपराधिक रिकॉर्ड रहित छात्र प्रदर्शनकारियों की रिहाई और पात्र छात्रों के खिलाफ जबरन कार्रवाई रोकने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ ने आरोपों की स्वतंत्र जांच की आवश्यकता पर जोर दिया और भविष्य में एसआईटी गठन पर विचार करने की बात कही। कोर्ट ने राज्यों को प्रदर्शनों से जुड़े सभी डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने को कहा। राहत केवल आपराधिक रिकॉर्ड रहित प्रदर्शनकारियों पर लागू होगी।