झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों के प्रदर्शन स्थल पर आधी रात भाजपा नेता पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन रात के अंधेरे में छात्रों को हटाने की तैयारी कर रहा था, जिसे पुलिस ने खारिज किया। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही, विधायक राज सिन्हा और नेता प्रतुल सहदेव ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए और छात्रों को नैतिक समर्थन देने की बात कही। छात्रों ने पुलिस पर आंदोलन कमजोर करने का आरोप लगाया। रांची सिटी एसपी पारस राणा ने स्पष्ट किया कि पुलिस हिरासत में लेने नहीं, बल्कि सुरक्षा जांच और पहचान पुष्टि के लिए पहुंची थी, क्योंकि पहले पथराव की घटना हुई थी।
असम सरकार ने नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ हुए प्रदर्शनों से जुड़े सभी आपराधिक मामले वापस लेने का बड़ा फैसला किया है। राज्य के गृह एवं राजनीतिक विभाग के आदेशानुसार, गिरफ्तार 13 लोगों की रिहाई की समीक्षा की जाएगी और भविष्य में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। 26 जुलाई तक राज्य में ऐसे पांच मामले दर्ज किए गए थे। सरकार ने यह निर्णय विरोध प्रदर्शनों की परिस्थितियों की समीक्षा, जवाबदेही मजबूत करने और उच्च शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए लिया है। इस मामले को अब बंद माना जाएगा।