मध्यप्रदेश सरकार ने लगभग 75 हजार शिक्षकों के प्रमोशन की राह आसान करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने 2005 और 2008 की संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-2 पात्रता परीक्षा को टीईटी के समकक्ष मान्यता देने की मांग की है। विभाग का तर्क है कि उस दौरान ली गई परीक्षा का प्रारूप और स्तर वर्तमान टीईटी के समान ही था। सरकार का कहना है कि यदि कोर्ट से राहत मिलती है, तो 2011 से पहले भर्ती हुए शिक्षकों की पदोन्नति का रास्ता साफ हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्रदेश सरकार ने 7,500 प्राथमिक शिक्षकों को आपसी रजामंदी से स्कूल व जिला बदलने का मौका दिया है।