मध्य प्रदेश सरकार निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रही है। ‘प्रवेश नियम-2026’ के तहत 8 साल बाद 30% ‘मैनेजमेंट कोटा’ फिर से शुरू होगा, जिसे भविष्य में 35% तक बढ़ाया जा सकता है। 15% एनआरआई कोटा बरकरार रहेगा, जबकि शेष 55% सीटें सामान्य काउंसलिंग से भरी जाएंगी। इस नीति से सरकारी खजाने को प्रति वर्ष लगभग 1,000 करोड़ रुपये की बचत होने का अनुमान है, क्योंकि सरकार को मैनेजमेंट और एनआरआई कोटे के छात्रों की फीस नहीं देनी होगी। हालांकि, इससे मेडिकल शिक्षा महंगी होने की आशंका है, क्योंकि मैनेजमेंट सीटों की फीस सामान्य सीटों से कई गुना अधिक होगी।