मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने हाल ही में कई महत्वपूर्ण आदेश दिए हैं। कोर्ट ने सुनवाई का अवसर दिए बिना मुरार तहसीलदार द्वारा पारित एक रिव्यू आदेश रद्द किया, इसे प्राकृतिक न्याय का उल्लंघन बताया। एक अन्य मामले में, बीहड़ चरनोई भूमि पर फलदार पौधे लगाने की अनुमति वाली याचिका खारिज कर दी गई, क्योंकि भूमि वैधानिक श्रेणियों में नहीं आती थी। हाईकोर्ट ने अशोकनगर में मिड-डे मील समूह को हटाने का जनपद पंचायत सीईओ का आदेश भी निरस्त किया, क्योंकि उन्हें यह अधिकार नहीं था और सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया था।