मध्य प्रदेश सरकार ने परिवहन व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए राज्य परिवहन प्राधिकरण का पुनर्गठन किया है। सोमवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, अब प्राधिकरण के अध्यक्ष अतिरिक्त मुख्य सचिव या प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी होंगे, जबकि परिवहन आयुक्त सदस्य सचिव का दायित्व संभालेंगे। इस कदम से अंतरराज्यीय परमिट, रूट आवंटन और विवादों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है। यह निर्णय हाल ही में बस किराया वृद्धि के बाद आया है, और मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का पहला चरण भी जल्द शुरू होने की संभावना है।
मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में संचालित जनकल्याणकारी एवं हितग्राहीमूलक योजनाओं की प्रभावशीलता का परीक्षण कराने का निर्णय लिया है। इस उद्देश्य से वित्त, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, लोक निर्माण, सामान्य प्रशासन और योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के अधिकारियों की एक समिति गठित की गई है। यह समिति योजनाओं को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुखी बनाने के लिए एक माह के भीतर अपनी अनुशंसाएं प्रस्तुत करेगी।
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान 7 अगस्त से शुरू होगा और 8 जनवरी 2027 तक प्रत्येक शुक्रवार को चलेगा। इस अवधि में प्रदेश में शुक्रवार को कोई विभागीय बैठक नहीं होगी, केवल अपरिहार्य स्थिति में मुख्य सचिव से अनुमति लेनी होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव छिंदवाड़ा में समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम और जन उद्यमी संवाद करेंगे, ऐसे कार्यक्रम सभी जिलों में होंगे। अभियान के तहत नियुक्तियों का हिसाब रखा जाएगा और लंबित प्रक्रियाओं को एक महीने में पूरा करना होगा, जिसकी निगरानी सीएमओ करेगा। विभाग प्रमुखों को भी शुक्रवार को दौरे पर रहना होगा।
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 की शुरुआत 7 अगस्त से होगी, जिसके तहत हर शुक्रवार को अधिकारियों की टीम गांवों में पहुंचेगी। यह अभियान 3 जनवरी 2027 तक चलेगा और इसका उद्देश्य शिकायतों का मौके पर समाधान करना तथा सरकारी योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करना है। उज्जैन की ग्राम पंचायत खेमासा से शुरू होने वाले इस अभियान का नेतृत्व कलेक्टर रौशन कुमार सिंह करेंगे। यह पिछले जवाबदेही अभियान का अगला चरण है, जिसमें सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी के लंबित मामलों की समीक्षा की जाएगी। प्रशासन को उम्मीद है कि इससे उज्जैन में बढ़ रही शिकायतों का बोझ कम होगा।
मध्य प्रदेश में सात अगस्त से जनविश्वास अभियान शुरू होगा, जिसके तहत विकास कार्यों का निरीक्षण, जनशिकायतों का निराकरण और विभागीय राजनीतिक नियुक्तियों की समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर जिलों में लंबित नियुक्तियों का आकलन होगा। कई विभागों में अभी भी नियुक्तियां अधूरी हैं, जबकि मुख्यमंत्री ने पूर्व में एक माह और फिर 15 दिनों में प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए थे। अभियान के दौरान इन लंबित नियुक्तियों की समीक्षा की जाएगी और मुख्यमंत्री कार्यालय पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगा ताकि विभागीय समितियां सक्रिय होकर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भूमिका निभा सकें।
रेल मंत्रालय की समीक्षा समितियों ने खराब प्रदर्शन और भ्रष्टाचार के मामलों में संलिप्त अपने पांच ग्रुप ए अधिकारियों को जबरन सेवानिवृत्त करने की सिफारिश की है। इन अधिकारियों में भारतीय रेलवे स्वास्थ्य सेवा के दो वरिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड अधिकारी, भारतीय रेलवे सिविल इंजीनियरिंग सेवा के एक कनिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड अधिकारी, उत्तर रेलवे में भारतीय रेलवे विद्युत अभियंता सेवा के एक अधिकारी और पश्चिमी रेलवे में भारतीय रेलवे यातायात सेवा के एक कनिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड अधिकारी शामिल हैं।
मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन सरकार ने जन समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 7 अगस्त से ‘जन विश्वास अभियान’ शुरू करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में यह अभियान हर शुक्रवार पूरे प्रदेश में संचालित होगा। इसके तहत मंत्री, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी गांवों व शहरी वार्डों में पहुंचकर जनता से सीधा संवाद करेंगे, उनकी समस्याएं सुनेंगे और मौके पर समाधान का प्रयास करेंगे। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने इसे सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। अभियान का उद्देश्य शासन को जनता के करीब लाना और प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाना है।
मध्य प्रदेश सरकार ने युवाओं और आमजनों की समस्याओं के त्वरित निदान हेतु ‘मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान’ की शुरुआत की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक में बताया कि यह अभियान हर शुक्रवार को चलेगा, जिसमें मुख्यमंत्री, मंत्री, कलेक्टर और अन्य मैदानी अधिकारी फील्ड में जाकर सीधे लोगों की समस्याओं को सुनेंगे और उनका समाधान करेंगे। अभियान का उद्देश्य सरकार की योजनाओं की सीधी मॉनिटरिंग और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना है। यह अभियान सात अगस्त से शुरू होकर अगले साल 8 जनवरी तक चलेगा, जिसमें 20 प्रमुख विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।