शिवसेना (यूबीटी) ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी पर हुआ हमला केवल एक व्यक्तिगत राजनीतिक हस्ती पर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक ताने-बाने पर सीधा प्रहार है। पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में कहा गया कि पत्थरों और लाठियों से लैस भीड़ ने उनके वाहन को घेरा, जिसका उद्देश्य एक सशक्त विपक्षी आवाज को खत्म करना था। संपादकीय ने केंद्र सरकार के रवैये में विरोधाभास पर सवाल उठाए, जिसमें राजनीतिक हिंसा के बावजूद केंद्रीय बलों की तैनाती में अनिच्छा और राज्य में कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई।