इंदौर के नकली प्लास्टर कांड में नया मोड़ आया है, जहां तोड़फोड़ के आरोपियों को नकली पट्टा बांधकर जुलूस निकालने का आरोप है। हीरानगर पुलिस ने मयंक और शोभित को गिरफ्तार कर उनके हाथ-पैर में फ्रैक्चर का दावा किया था, जिसके बाद उनका जुलूस निकाला गया। बाद में उनके पट्टे खोल दिए गए और 26 जुलाई को वायरल हुए एक वीडियो में पुलिसकर्मियों पर 20 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगा, जो पिटाई न करने के बदले लिए गए थे। डॉक्टर के बयान के बाद अधिकारियों ने जांच की दिशा बदल दी है, और अब वे गिरफ्तारी प्रक्रिया तथा रिश्वत के आरोपों की भी जांच कर रहे हैं।