ग्वालियर में वर्षा के कारण जलभराव से एडीज मच्छरों के पनपने और डेंगू संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगस्त से सितंबर की अवधि सबसे संवेदनशील है, और आगामी 30-45 दिनों में मरीजों की संख्या में वृद्धि हो सकती है। वर्तमान में डेंगू की पॉजिटिविटी दर 1.9% है, जबकि पिछले साल यह 2.3% थी। अब तक 2,139 जांचों में 42 मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी तेज कर दी है, मलेरिया विभाग की 26 टीमें 2.31 लाख से अधिक घरों का सर्वे कर चुकी हैं, जिनमें 2,882 घरों में लार्वा मिला है। जिला मलेरिया अधिकारी ने नागरिकों से पानी जमा न होने देने और बुखार होने पर तुरंत जांच कराने की अपील की है।
पन्ना पुलिस ने 30 जुलाई को 22 वर्षीय युवक भूपेंद्र बर्मन की जान बचाई। सल्फास खाने के बाद सांसें रुकने पर युवक ने खुद डायल-112 पर मदद मांगी थी, लेकिन जहर के असर से उसकी आवाज अस्पष्ट थी और वह ठिकाना नहीं बता पा रहा था। डायल-112 कंट्रोल रूम भोपाल से सूचना मिलने पर हरदुआ चौकी पुलिस और डायल-112 टीम ने लोकेशन ट्रेस कर पड़रिया मोड़ के पास एक सागौन के पेड़ के नीचे बेसुध पड़े युवक को खोजा। गंभीर हालत देखते हुए पायलट देवेंद्र कुशवाह और सैनिक विनोद द्विवेदी ने 55 किलोमीटर की दूरी मात्र 40 मिनट में तय कर युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पवई पहुंचाया, जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए कटनी रेफर किया गया।
बुंदेलखंड की अयोध्या के नाम से प्रसिद्ध ओरछा में रविवार को दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की एक कार सतार नदी में अनियंत्रित होकर गिर गई। इस हादसे में दो पुरुष, तीन महिलाएं और एक लड़की सहित छह लोग घायल हो गए। स्थानीय लोगों, पुलिस और 112 की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। घायलों को उपचार के लिए ओरछा के पास स्थित यथार्थ हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। वे सभी झांसी जिले के निवासी बताए जा रहे हैं और सुरक्षित हैं। पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है।
असम में लगातार मानसूनी बारिश से ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण ऊपरी असम के कई गांव जलमग्न हो गए हैं। भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन जल राहत’ के तहत अब तक 571 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। यह अभियान 19 जुलाई से चौबीसों घंटे चल रहा है, जिसमें स्पीयर कोर असम सरकार और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रही है। सेना बचाव, चिकित्सा सहायता और राहत सामग्री उपलब्ध करा रही है। शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट जिलों में तीन विशेष टीमें तैनात हैं। कुछ इलाकों में जलस्तर कम होने के बावजूद राहत कार्य जारी है।