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इंदौर में गड्ढे भरने के 50 करोड़ के बजट पर सवाल, 14 लाख प्रतिदिन खर्च के बावजूद सड़कें बदहाल

इंदौर नगर निगम सड़कों के गड्ढे भरने पर प्रतिदिन लगभग 14 लाख रुपये और सालाना 50 करोड़ रुपये खर्च करता है। इतनी भारी राशि खर्च होने के बावजूद शहर की सड़कें बदहाल हैं और गड्ढे कम नहीं हो रहे हैं। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी 50 करोड़ के वार्षिक बजट को स्वीकार किया है। लगभग 70 प्रतिशत सीमेंटेड सड़कों पर डामर के पैचवर्क की प्रासंगिकता पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि बारिश में डामर हट जाता है। जनकार्य प्रभारी राजेंद्र राठौर ने बताया कि वर्षा के कारण काम रुका है और ठेकेदार बारिश थमने पर बिना अतिरिक्त शुल्क के दोबारा पैचवर्क करेंगे।

मध्य प्रदेश: अनुसूचित जनजाति और जाति के लिए 39% बजट प्रविधान के निर्देश

मध्य प्रदेश में आगामी वित्तीय वर्ष के बजट की तैयारियां शुरू हो गई हैं। वित्त विभाग ने सभी विभागों को अनुसूचित जनजाति के लिए 23 प्रतिशत और अनुसूचित जाति के लिए 16 प्रतिशत, कुल 39 प्रतिशत बजट प्रविधान रखने के निर्देश दिए हैं। विभागों को उपयोजना की राशि का उपयोग किन क्षेत्रों और योजनाओं में प्रस्तावित है, इसका स्पष्ट ब्योरा देना होगा। यह कदम उपयोजना के बजट के ऐसे क्षेत्रों में उपयोग होने के सवालों के बाद उठाया गया है, जिनका सीधा संबंध इन समुदायों से नहीं है। वर्ष 2026-27 में अनुसूचित जनजाति उपयोजना के लिए ₹47,429 करोड़ (25.8%) और अनुसूचित जाति के लिए ₹31,192 करोड़ (17%) का प्रावधान किया गया है।

एमपी के 10 लाख से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 18% तक बढ़ सकता है

मध्यप्रदेश में 10 लाख से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों का महंगाई भत्ता अगले वित्तीय वर्ष में 18 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। सरकार वित्तीय वर्ष 2027-28 के बजट में विभागों के स्थापना व्यय में 78 प्रतिशत महंगाई भत्ता प्रावधानित करेगी। वर्तमान में महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत है, जबकि केंद्र सरकार इसे 62 प्रतिशत कर चुकी है। प्रदेश सरकार ने अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और कमजोर मानसून के कारण वृद्धि का निर्णय नहीं लिया है। कर्मचारी और पेंशनर संगठन लगातार महंगाई भत्ता बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने 18 अगस्त को आंदोलन की घोषणा की है।

मध्य प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों का सात माह का महंगाई भत्ता व राहत रोका

मध्य प्रदेश सरकार ने वित्तीय चुनौतियों का हवाला देते हुए कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते (डीए) और राहत (डीआर) में वृद्धि सात माह से रोक रखी है। इससे कर्मचारी महंगाई से त्रस्त हैं और उन्होंने 10 अगस्त तक निर्णय न होने पर 18 अगस्त से आंदोलन की चेतावनी दी है। वित्त विभाग ने ₹10,000 करोड़ के राजस्व प्रभावित होने का अनुमान जताया है, जिससे घाटे की स्थिति बन सकती है। सरकार ने नए वाहन खरीद और विदेश यात्रा जैसी मितव्ययिता के उपाय लागू किए हैं।

मध्य प्रदेश विधानसभा में आज UCC सहित 8 विधेयकों पर चर्चा, अनुपूरक बजट भी होगा प्रस्तुत

मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) सहित आठ विधेयकों पर चर्चा होगी। इस दौरान यूसीसी को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस की संभावना है, जिस पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने संशोधन प्रस्ताव दिया है। सरकार यूसीसी को बड़ी उपलब्धि बता रही है, जिससे महिलाओं को संपत्ति सहित कानूनी अधिकारों में समान संरक्षण मिलेगा। इसके अतिरिक्त, वित्त विभाग वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट भी प्रस्तुत करेगा, जिसमें विभिन्न विभागों के लिए अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान प्रस्तावित हैं।

MP विधानसभा में नीट लाठीचार्ज पर विपक्ष का हंगामा; वित्त मंत्री ने 7,765.06 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया

मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन नीट पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा छाया रहा। विपक्ष ने सरकार पर बर्बरता का आरोप लगाया और कैलाश विजयवर्गीय से ‘कीड़ा’ टिप्पणी पर माफी की मांग की। विजयवर्गीय ने आंदोलन को ‘प्रायोजित’ बताते हुए सरकार द्वारा दोबारा परीक्षा कराकर छात्रों को राहत देने का दावा किया। चर्चा की मांग ठुकराए जाने के बाद कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर धरना दिया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। इसी बीच, वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 7,765.

मध्य प्रदेश सरकार ने 7,765 करोड़ रुपये से अधिक का प्रथम अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया, भावांतर योजना को 2,313 करोड़ रुपये

मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में वर्ष 2026-27 के लिए 7,765 करोड़ रुपये से अधिक का प्रथम अनुपूरक बजट पेश किया। उप मुख्यमंत्री (वित्त) जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्तुत इस बजट में भावांतर योजना के लिए सर्वाधिक 2,313 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है। नर्मदा घाटी विकास को 3,000 करोड़, लोक निर्माण विभाग को अतिरिक्त 1,300 करोड़ और मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा को 101 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लैपटाप के लिए 258.07 करोड़ रुपये का भी प्रावधान है।

प्रदेश सरकार ने 7,765 करोड़ रुपये से अधिक का प्रथम अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया, भावांतर योजना को सर्वाधिक 2,313 करोड़ रुपये

प्रदेश सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में वर्ष 2026-27 के लिए 7,765 करोड़ रुपये से अधिक का प्रथम अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया है। इस बजट में भावांतर योजना को सर्वाधिक 2,313 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। नर्मदा घाटी विकास की सिंचाई परियोजनाओं और भू-अर्जन के लिए 3,000 करोड़ रुपये तथा समर्थन मूल्य पर उपार्जन करने वाली संस्थाओं को 2220.62 करोड़ रुपये का प्रावधान है। इंफ्रास्ट्रक्चर और सड़क परियोजनाओं के लिए लोक निर्माण विभाग को 1,300 करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। शिक्षा, पर्यटन और बस सेवाओं सहित विभिन्न अन्य योजनाओं के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं।

मध्य प्रदेश विधानसभा में 7,765.77 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश

मध्य प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट विधानसभा में पेश किया, जिसकी कुल राशि 7,765.77 करोड़ रुपये है। उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने यह बजट प्रस्तुत किया। इसमें नर्मदा घाटी विकास विभाग को सिंचाई परियोजनाओं और भूमि अधिग्रहण के लिए 3,000 करोड़ रुपये का सबसे बड़ा प्रावधान मिला है। अतिरिक्त राशि अधोसंरचना, कृषि, शिक्षा, परिवहन और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं को गति देने में सहायक होगी। विभिन्न विभागों को भी महत्वपूर्ण आवंटन दिए गए हैं।