भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आइसर) भोपाल और मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) के विज्ञानियों के एक एआई अध्ययन से खुलासा हुआ है कि भोपाल का बड़ा तालाब वर्ष 2050 के प्री-मानसून सीजन तक 40 से 60 प्रतिशत तक सिकुड़ सकता है। यह शोध रिमोट सेंसिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग कर 1980 से 2024 तक के आंकड़ों पर आधारित है। अध्ययन चेतावनी देता है कि वैश्विक तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि से तालाब का जलभराव क्षेत्र 40 प्रतिशत तक घट जाएगा, जिसका सबसे अधिक असर मई-जून में दिखेगा।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने भोपाल के बड़ा तालाब में अतिक्रमण और पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन पर सरकार व अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई है। एनजीटी ने छह वर्षों से मामले के लंबित होने और वेटलैंड क्षेत्र का सीमांकन न होने पर आपत्ति व्यक्त की है, जिससे अवैध निर्माणों को संरक्षण मिलने की आशंका है। न्यायाधिकरण ने इसे गंभीर विषय बताते हुए अधिकारियों से जवाब मांगा है। भोपाल नगर निगम ने अतिक्रमणों की मौजूदगी स्वीकार की है। एनजीटी ने नगर निगम और कलेक्टर को एफटीएल व बफर जोन के अतिक्रमणों को हटाने और अगली सुनवाई से पहले विस्तृत प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।