मप्र विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा कुशवाह समाज को ‘गुलाटी मारने वाला’ और ‘विश्वसनीयता खंडित करने वाला’ कहे जाने पर राजनीतिक गलियारों में बवाल मच गया है। मुरैना में भाजपा जिलाध्यक्ष के आवास पर एक कार्यक्रम में दिए गए इस बयान पर कुशवाह समाज के पूर्व विधायकों, जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने कड़ी आपत्ति जताई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी इसे पिछड़ा वर्ग विरोधी बताया है। इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर विरोध बढ़ रहा है, जबकि भाजपा समर्थक नेता समर्थन में पोस्ट कर रहे हैं। विभिन्न नेताओं ने इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि क्या उन्होंने सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना करने वालों के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां करने वाले भाजपा के “ट्रोल्स” को भी माफ किया है। यह टिप्पणी सार्वजनिक विमर्श में भाषा के इस्तेमाल पर जारी बहस के बीच आई है। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो संदेश में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान आपत्तिजनक भाषा का उपयोग करने वाले युवाओं को माफ करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि उन्हें और उनकी दिवंगत मां को भी अपमानजनक टिप्पणियों का सामना करना पड़ा।