जबलपुर के रानी अवंती बाई लोधी सागर परियोजना (बरगी बांध) का जलस्तर 25 जुलाई को 413.75 मीटर से बढ़कर रविवार को 417 मीटर तक पहुंच गया है, जो 3.25 मीटर की वृद्धि दर्शाता है। बांध का अधिकतम जलस्तर 422.76 मीटर है, जिससे यह पांच मीटर खाली है। मौसम विभाग ने जबलपुर सहित छह जिलों में अगले 24-48 घंटों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है, और बारिश का सिलसिला 20 अगस्त तक जारी रहने की संभावना है। पिछले दो दिनों में अधिकतम तापमान में चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।
जबलपुर स्थित बरगी बांध का जलस्तर बढ़कर 419.5 मीटर हो गया है, जो 15 अगस्त तक निर्धारित 421 मीटर के लक्ष्य से केवल डेढ़ मीटर कम है। बांध के गेट खोलने का निर्णय जलस्तर और पानी की आवक की स्थिति को देखते हुए प्रशासन द्वारा लिया जाएगा। मानसून सीजन में पहले जलस्तर 408 मीटर तक गिर गया था, जिससे नर्मदा के घाटों पर पानी कम हो गया था। अब तेजी से बढ़ते जलस्तर से सिंचाई और नर्मदा के प्रवाह में सुधार की उम्मीद है। बांध की अधिकतम क्षमता 422.75 मीटर है।
कटनी जिले के स्लीमनाबाद में निर्मित 11.95 किलोमीटर लंबी ग्रेविटी फ्लो जल सुरंग परियोजना अपने अंतिम चरण में है। इस वर्ष इसके संचालन की उम्मीद है, जिससे नर्मदा का पानी पहली बार सतना, मैहर, रीवा और पन्ना के खेतों तक पहुँचेगा। लगभग 17 वर्षों में पूरी हुई इस परियोजना की लागत 799 करोड़ से बढ़कर 1,600 करोड़ रुपये हो गई है। यह परियोजना कुल 2.45 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित करेगी और जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, रीवा, पन्ना के लगभग 1450 गाँवों को लाभान्वित करेगी। इससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा, भूजल स्तर सुधरेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।