मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार की 40 अंतरराज्यीय बस रूटों की ‘विशेष परिवहन योजना’ पर बड़ा झटका दिया है। न्यायालय ने 7 जुलाई 2026 को जारी अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगाते हुए राज्य सरकार और संबंधित पक्षों से जवाब तलब किया है। निजी बस ऑपरेटर धर्मेंद्र सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। याचिकाकर्ता ने अपनी व्यवसायिक अधिकारों के हनन और योजना में हितों के टकराव तथा कंपनी को एसटीयू का दर्जा न मिलने जैसे गंभीर सवाल उठाए हैं। सरकार के जवाब के बाद मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी।
मध्य प्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन ने किराया वृद्धि की मांग को लेकर 26 जुलाई को सागर में प्रदेश स्तरीय बैठक बुलाई है। लगातार आश्वासनों के बावजूद किराया संशोधित नहीं होने से संचालक नाराज हैं। बैठक में प्रदेश के 55 जिलों से प्रतिनिधि शामिल होंगे और किराया वृद्धि, राष्ट्रीयकरण स्कीम तथा अन्य मुद्दों पर चर्चा कर आगे की रणनीति तय करेंगे। डीजल, स्पेयर पार्ट्स और अन्य परिचालन खर्च बढ़ने से बस संचालन आर्थिक रूप से कठिन हो गया है। पड़ोसी राज्यों में किराया बढ़ चुका है, जिससे मध्य प्रदेश के संचालकों पर दबाव है। आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन और प्रदेशव्यापी हड़ताल की रूपरेखा भी तय की जा सकती है।