पन्ना टाइगर रिजर्व में आगामी पर्यटन सीजन वन्यजीव प्रेमियों के लिए रोमांचक रहने वाला है। बाघों की नई पीढ़ी लगातार अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है, जिसमें पी-652 के नए शावकों के बाद अब पी-141 की उप-वयस्क बेटी ने ध्यान खींचा है। इस युवा बाघिन को पन्ना की ‘भविष्य की रानी’ के रूप में देखा जा रहा है, जो जल्द ही अपना स्वतंत्र क्षेत्र स्थापित कर सकती है। पन्ना की सफल बाघ पुनर्स्थापना कहानी के कारण यह नई पीढ़ी महत्वपूर्ण है, हालांकि उसे क्षेत्र स्थापित करने और शिकार खोजने जैसी प्राकृतिक चुनौतियों का सामना करना होगा। पर्यटक इस पर विशेष नजर रखेंगे।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बर्ड वाचिंग के लिए निकले तीन लोगों का बाघिन से महज चार-पांच फुट की दूरी पर अचानक सामना हो गया। यह घटना पतौर परिक्षेत्र की गंजरहा बीट में हलफल नदी के किनारे हुई। शाम के समय जब वे नदी से गुजर रहे थे, तो ताजे पगमार्क देखने के बाद अचानक बाघिन सामने आ गई और दहाड़ लगाई। सब कुछ दस सेकंड में हुआ। पाँच साल बीत जाने के बाद भी यह घटना उनकी यादों में जीवंत है, जो जंगल में सतर्कता और प्रकृति के सम्मान का संदेश देती है।