बुलंद सोच, बालाघाट। दक्षिण वन मंडल बालाघाट के सोनेवानी कंजर्वेशन रिजर्व में विश्व बाघ दिवस पर बाघिन गौरा का डेढ़ वर्षीय शावक ‘सूखा’ मृत पाया गया। बुधवार, 29 जुलाई को गश्त के दौरान मिले शव पर गंभीर चोट के निशान थे, जिससे आपसी संघर्ष में मौत की आशंका है। ‘सूखा’ दस माह से लापता था और मां से बिछड़ने के कारण कमजोर हो गया था। सीसीएफ गौरव चौधरी सहित वन अमले ने मौके पर पहुंचकर क्षेत्र को सील किया। प्रोटोकॉल के तहत पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें गहरे घावों की पुष्टि हुई। सोनेवानी में एक साल के भीतर यह दूसरी बाघ की मौत है, जिससे वन अधिकारियों की लापरवाही पर चिंता जताई गई है।
महाराष्ट्र में मानव-बाघ संघर्ष को कम करने के लिए एक एआई आधारित अर्ली वार्निंग सिस्टम लॉन्च किया गया है। यह प्रणाली जंगल में बाघों की लोकेशन का पता लगाकर उनकी निगरानी करेगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वैश्विक बाघ दिवस पर नागपुर में इसका शुभारंभ किया। नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार द्वारा विकसित मार्बल एआई मॉडल चीतल और लंगूर जैसे वन्यजीवों की चेतावनी भरी आवाजों का विश्लेषण कर बाघ की सटीक स्थिति बताएगा। सफल होने पर इसे देश के अन्य बाघ क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा।