अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट में सोने ने दो माह का उच्च स्तर छू लिया है, जिसके बाद यह 4400 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गया। कमजोर अमेरिकी रोजगार आंकड़ों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें जल्द बढ़ाने की उम्मीद घटने से सोने की मांग बढ़ी है। चीन के केंद्रीय बैंक द्वारा गोल्ड होल्डिंग बढ़ाने और अमेरिका-ईरान तनाव भी इसके कारण हैं। इंदौर में सोना केडबरी 300 रुपये बढ़कर 147800 रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी चौरसा 1100 रुपये बढ़कर 231500 रुपये प्रति किलो हो गई है। स्थानीय बाजार में ग्राहकी सीमित है, लेकिन राखी से पहले मांग बढ़ने की उम्मीद है।
ग्वालियर की प्रमुख मावा मंडी मोर बाजार में मिलावट के खिलाफ अभियान के कारण मावा कारोबार प्रभावित हुआ है। पिछले दो-तीन दिनों से अधिकांश कारोबारियों ने बाहर से मावा मंगाना बंद कर दिया है, और जो मंगा रहे हैं वे भी इक्का-दुक्का डलियां ढंककर पहुंचा रहे हैं। दैनिक आवक 5 हजार किलो से घटकर 750-875 किलो रह गई है, जिससे शहर की दुकानों पर मावा उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। कम फेट वाले मावे के दाम 240 से 300 रुपये प्रति किलो बताए जा रहे हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई से बचने के लिए व्यापारी नए तरीके अपना रहे हैं, जिससे निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं।
मध्यभारत के प्रमुख व्यापारिक केंद्र इंदौर में तीन साल की सुस्ती के बाद इस त्योहारी सीजन में बंपर कारोबार की उम्मीद है। सरकारी नीतियों, आयात-निर्यात लाभ और बेहतर परिवहन कनेक्टिविटी के कारण इंदौर का माल अब देशभर में किफायती दरों पर उपलब्ध है। सराफा बाजार में युद्ध के हालातों के कारण 30% की गिरावट देखी गई थी, लेकिन अब त्योहारों से वापसी की उम्मीद है। कपड़ा उद्योग में राखी से उत्साह दिख रहा है, जबकि बर्तन बाजार में अगस्त से ही तेजी है, जो त्योहारी सीजन में और बढ़ेगी। लाखों परिवारों की आजीविका इस व्यापार से जुड़ी है।
जबलपुर के बाजारों में रक्षाबंधन पर्व से पहले खरीदारी की रौनक बढ़ गई है। बहनें अपने भाइयों के लिए रुद्राक्ष, वुडन, स्टोन, पर्ल और अमेरिकन डायमंड जैसी खास राखियां खरीद रही हैं। इस बार ईविल आइज राखियां युवाओं द्वारा विशेष रूप से पसंद की जा रही हैं, जो बुरी नजर से बचाने के लिए मानी जाती हैं। इसके अलावा, शिव भक्त भाइयों के लिए रुद्राक्ष और महादेव लिखी राखियां तथा धार्मिक प्रतीकों वाली राखियां भी खूब बिक रही हैं। कस्टमाइज्ड राखियों और भाई-भाभी कॉम्बो राखियों की मांग भी तेजी से बढ़ी है, जिनमें तस्वीरें और नाम लिखवाए जा रहे हैं। बच्चों के लिए कार्टून राखियां और विशेष थालियां भी उपलब्ध हैं।
जून 2026 में दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों ने रिकॉर्ड 51 टन सोना खरीदा, जो इस साल की सबसे बड़ी मासिक खरीद है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार, घटी कीमतों का लाभ उठाने के लिए यह खरीदारी की गई। पोलैंड 19 टन के साथ सबसे बड़ा खरीदार रहा, जबकि चीन ने भी 15 टन सोना खरीदा। वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बुलियन बाजार में सोना सात सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इसके प्रभाव से इंदौर में सोना 2500 रुपये और चांदी 1000 रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ़ गई। ज्वेलर्स भी बाजार में सक्रिय देखे गए।
इंदौर में बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में भारी उछाल आया, जहां सोना ₹1400 और चांदी ₹3300 प्रति किलो महंगी हुई। अमेरिकी-ईरान वार्ता पर अनिश्चितता और कामेक्स पर निवेशकों की खरीदारी के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी दर्ज की गई, जिसका असर भारतीय बाजारों पर पड़ा। इंदौर में सोना केडबरी ₹1,43,000 प्रति दस ग्राम और चांदी चौरसा ₹2,24,000 प्रति किलो पर पहुंच गई। हालांकि, स्थानीय बाजार में अपेक्षित ग्राहकी नहीं है, पर ज्वेलर्स 15-20 अगस्त से राखी पूर्व की खरीदारी में तेजी की उम्मीद कर रहे हैं।
इंदौर सराफा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। अंतर्राष्ट्रीय बुलियन वायदा बाजार में डॉलर की मजबूती और लगातार गिरावट के कारण सोना केडबरी 350 रुपये और चांदी चौरसा 500 रुपये सस्ती हुई। भारतीय बाजारों में ग्राहकी सीमित है, जिसका असर बाजार पर दिख रहा है। हालांकि, ज्वेलर्स आगामी त्योहारी सीजन और वैवाहिक सीजन को देखते हुए खरीदारी बढ़ने की उम्मीद कर रहे हैं और लाइट वेट के गहनें तैयार कर रहे हैं।
इंदौर में चांदी के भाव में 300 रुपये की गिरावट दर्ज की गई, जिससे चांदी चौरासा 220000 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई, जबकि सोना केडबरी 141850 रुपये प्रति दस ग्राम पर स्थिर रहा। अंतरराष्ट्रीय बुलियन वायदा बाजार में अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और छोटे निवेशकों की मुनाफावसूली के कारण सुस्ती देखी गई। निवेशकों की नजर फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव पर है, जिससे सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग बढ़ सकती है। हालांकि, ऊंची ब्याज दरें मूल्य वृद्धि को सीमित कर रही हैं। भौतिक बाजार में चीन का सोने का आयात घटा, जबकि भारत का बाजार घरेलू कीमतों के कारण सुस्त रहा।
राज्य सरकार द्वारा मूंग खरीदी का दायरा 25% से बढ़ाकर 60% किए जाने के बाद भोपाल की करोंद मंडी में मूंग की आवक में 85% की भारी गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार को यह 25 क्विंटल रही, जो बुधवार को 167 क्विंटल थी। आवक घटने से मूंग के अधिकतम भाव में 8% और न्यूनतम भाव में 7% तक की वृद्धि हुई। किसान बढ़ी हुई सरकारी खरीदी का लाभ लेने के लिए फसल रोक रहे हैं। व्यापारियों ने खुदरा बाजार में भी दाम बढ़ने की आशंका जताई है। इसके साथ ही, मध्य प्रदेश की मंडियों को ई-नाम पोर्टल से जोड़ने के लिए राज्य स्तरीय मंजूरी समिति का गठन किया गया है।