इंदौर-देवास बायपास की बदहाली पर मंगलवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता ने गड्ढों के फोटोग्राफ पेश किए, जिस पर कोर्ट ने उन्हें ‘जानलेवा’ और ‘खतरनाक’ बताया। कोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से 2023 से अब तक की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मौखिक रूप से सात दिन में स्थिति सुधारने के निर्देश दिए। मातृ फाउंडेशन ने यह जनहित याचिका दायर की है। NHAI ने ठेकेदार हटाने की बात कही, लेकिन याचिकाकर्ता ने 18 फीट चौड़े गड्ढे की तस्वीरें पेश कीं।
इंदौर बायपास पर रील बना रहे युवकों पर चाकू और लोहे की रॉड से हमला कर कार व मोबाइल फोन लूट लिए गए। यह घटना सुल्लाखेड़ी ब्रिज के पास रात करीब साढ़े तीन बजे हुई। पालाखेड़ी निवासी विनोद रघुवंशी अपने दोस्तों के साथ पार्टी के बाद रील बनाने गए थे, तभी छत्तीसगढ़ पासिंग कार सवार चार बदमाशों ने हमला कर दीपक के पैर में वार किया और हत्या की धमकी दी। युवक डरकर भाग गए। लूटी गई कार अगले दिन शाजापुर के मोहन बड़ौदिया में लावारिस मिली। पुलिस को बदमाशों के अहम सुराग मिले हैं और कंजर गिरोह पर वारदात का शक है।
इंदौर बायपास पर प्रस्तावित 150 करोड़ रुपये का डबल डेकर ब्रिज प्रोजेक्ट तकनीकी अड़चनों और अत्यधिक लागत के कारण रद्द कर दिया गया है। अब इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) ने कनाड़िया रोड, बिचौली हप्सी और एमआर-9 जंक्शन पर एमआर-10 की तर्ज पर 6-लेन ग्रेड सेपरेटर (अंडरपास) बनाने का प्रस्ताव नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) को भेजा है। आईडीए के अनुसार, यह स्थायी समाधान वर्तमान और भविष्य के यातायात दबाव को संभालने के लिए आवश्यक है, क्योंकि मौजूदा व्यवस्थाएं अगले 2-3 वर्षों में ध्वस्त हो सकती हैं।
इंदौर-देवास बायपास पर अर्जुन बड़ौद फ्लाईओवर की सर्विस रोड चार माह पहले निर्माण पूरा होने के बावजूद गड्ढों से भरी है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। एनएचएआई ने मई में मरम्मत के निर्देश दिए थे, लेकिन कार्य नहीं हुआ। वहीं, मांगलिया में रेलवे ओवरब्रिज निर्माण से स्कूली बच्चों और ग्रामीणों का पैदल आवागमन बाधित है, मार्ग पर कीचड़ और फिसलन से लोग गिर रहे हैं। अवैध टैंकर पार्किंग से समस्या और बढ़ी है। ग्रामीणों ने वैकल्पिक मार्ग और अवैध पार्किंग पर रोक की मांग की है।