खिमलासा के एक निजी स्कूल में तीसरी कक्षा के 8 वर्षीय छात्र के साथ शिक्षक द्वारा मारपीट का मामला सामने आया है। छात्र के पिता दयाराम विश्वकर्मा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि 6 अगस्त को कॉपी पूरी न होने पर शिक्षक ने छात्र को मुर्गा बनाकर पीटा। घटना के बाद बच्चा सहमा हुआ है, उसे बुखार आ गया और वह स्कूल जाने से मना कर रहा है। उसकी कमर पर चोट के निशान भी मिले हैं। परिजनों ने स्कूल में शिकायत के बाद पुलिस को आवेदन दिया है। इसके अतिरिक्त, रायपुर में एक अन्य घटना में एक छात्र को 40 सेकंड में 46 थप्पड़ मारे गए, जिसके बाद उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी मिली और पीड़ित ने टीसी कटवा ली।
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने मध्य प्रदेश के शिवपुरी में एक शिक्षक द्वारा अनुसूचित जनजाति के छात्र की पिटाई के मामले का संज्ञान लिया है। यह घटना 27 जुलाई को शासकीय प्राथमिक विद्यालय उकावल में हुई थी। आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव और शिवपुरी के पुलिस अधीक्षक से दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। दर्ज एफआईआर में शिक्षक पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने और 8 वर्षीय छात्र को छड़ी से पीटने का आरोप है। पुलिस जांच जारी है और संबंधित विभाग भी कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं।
लक्षद्वीप की एक अदालत ने नाबालिग लड़के से यौन अपराध के दोषी 37 वर्षीय व्यक्ति को पॉक्सो और आईपीसी के तहत कुल 40 साल कारावास की सजा सुनाई है। दोषी को 20 साल की वास्तविक कैद काटनी होगी और उस पर 1.20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने रिश्ते के भरोसे के दुरुपयोग और बार-बार अपराध के कारण सजा में नरमी से इनकार किया। कोर्ट ने बच्चों के खिलाफ अपराधों पर चिंता जताई और पीड़ित को जुर्माने में से 1 लाख रुपये तथा पीड़ित मुआवजा योजना के तहत 2 लाख रुपये अतिरिक्त देने की सिफारिश की।