सागर के 13 वर्षीय अभि ने गिलियन-बैरे सिंड्रोम (GBS) जैसी गंभीर बीमारी से साढ़े तीन महीने की लंबी लड़ाई के बाद जीत हासिल की है। 13 अप्रैल 2026 को हमीदिया अस्पताल में भर्ती अभि को वेंटिलेटर पर रखा गया था और कई जटिलताओं का सामना करना पड़ा। डॉक्टरों की टीम की मेहनत और आयुष्मान भारत योजना के तहत मिले निशुल्क इलाज से अब वह स्वस्थ होकर घर जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन ने इसे सरकारी अस्पतालों में उच्चस्तरीय इलाज के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया।