भोपाल के वार्ड 78 करोंद में एक आवारा श्वान ने स्कूल से लौट रही एक बच्ची पर हमला कर दिया। बच्ची बारिश के कारण स्कूल की छुट्टी होने के बाद दुकान जा रही थी, तभी काले श्वान ने उसे दबोच लिया। बच्ची के चिल्लाने पर पिता ने श्वान को हटाने का प्रयास किया, लेकिन उसने बच्ची का हाथ नहीं छोड़ा। हमले में श्वान बच्ची के हाथ का मांस नोंचकर ले गया। परिजनों ने बताया कि अनु क्षेत्र में 15 से अधिक आवारा श्वान हैं और वे पहले भी बच्चों पर हमला कर चुके हैं।
भोपाल के गांधी नगर थाना क्षेत्र में एक नौ वर्षीय बच्ची पर पड़ोसी महिला ने पुरानी रंजिश के चलते अपने पालतू कुत्ते उकसाकर हमला करवाया। बच्ची साइकिल चला रही थी, तभी आरोपी महिला संजना ने कुत्तों को “छू-छू” कहकर बच्ची की ओर उकसाया। कुत्तों ने बच्ची के पैरों में कई जगह काट लिया, जिससे वह घायल हो गई। पिता ने डंडे से कुत्तों को भगाकर बच्ची को बचाया और उसे इलाज के लिए केयरवेल अस्पताल ले गए। पीड़ित पिता कृष्णकांत रावत की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ लापरवाही से जानवर पालने और दूसरों की जान खतरे में डालने की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विदिशा जिले के ककरुआ और आसपास के गांवों के बच्चे बेतवा नदी पर बने स्टाप डैम के पिलरों से जान जोखिम में डालकर स्कूल जाते हैं। यह रास्ता लगभग चार फीट के अंतराल वाले नौ पिलरों से होकर गुजरता है, जो बारिश में और खतरनाक हो जाता है। हाई कोर्ट ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है और इसे बच्चों की सुरक्षा व शिक्षा के अधिकार से जुड़ा गंभीर विषय माना है। प्रशासन ने बैरिकेडिंग और चौकीदार तैनात किए हैं, जबकि शिक्षा विभाग ने एक माध्यमिक विद्यालय को हाई स्कूल में उन्नत करने का प्रस्ताव भेजा है। हाई कोर्ट अब सरकार से स्थायी समाधान पर जवाब मांगेगा।
भोपाल के बहुचर्चित बाल यौन शोषण मामले में न्यायिक प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुँच गई है। विशेष न्यायाधीश कुमुदिनी पटेल की अदालत में अभियोजन पक्ष ने अपने सभी साक्ष्य प्रस्तुत कर दिए हैं। अब न्यायालय ने मुख्य आरोपी प्यारे मियां उर्फ अब्दुल अय्यूब के बयान दर्ज करने के लिए सात अगस्त की तारीख तय की है। इस मामले में जुलाई 2020 में शिकायत सामने आई थी, जिसके बाद प्यारे मियां और उसके साथियों पर नाबालिगों के साथ दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म, अप्राकृतिक यौनाचार, मानव तस्करी और अत्याचार के आरोप लगे थे। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत आरोप पत्र प्रस्तुत किया है, और अब आगामी सुनवाई पर सभी की नजरें हैं।
भोपाल के कटारा हिल्स में दो बच्चियों के कथित अपहरण का मामला पुलिस जांच में झूठा पाया गया। पुलिस ने 18 घंटे तक गहन तलाशी अभियान चलाया था, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। जांच में सामने आया कि छठवीं कक्षा की इन छात्राओं ने मां की डांट और पिटाई से बचने के लिए यह झूठी कहानी गढ़ी थी। स्कूल के बाद वे ईकोलॉजिकल पार्क में 2-2.5 घंटे बिताकर देर से घर लौटी थीं। एडिशनल डीसीपी मिनी शुक्ला की पूछताछ के बाद सच्चाई सामने आई।
भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर दो 12 वर्षीय बच्चियों का दिनदहाड़े अपहरण कर लिया गया। तीन नकाबपोश युवकों और एक महिला ने विवेकानंद कॉलोनी से बच्चियों को जंगल में ले जाकर उनके साथ मारपीट की और गलत हरकत का प्रयास किया। एक चरवाहे के हस्तक्षेप से बच्चियां बच गईं और आरोपित मौके से फरार हो गए। पुलिस ने तीन घंटे तक सर्चिंग की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पीड़ितों के स्वजनों ने एफआईआर से इनकार किया है, फिर भी पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच कर रही है।
इंदौर के गांधी नगर थाना क्षेत्र में हुए एक सड़क हादसे में तीन वर्षीय बच्चे शिवांश की मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब स्पीड ब्रेकर पर आगे चल रही कार के अचानक ब्रेक लगाने से पीछे चल रही कार उससे टकरा गई। मां की गोद में खड़ा शिवांश टक्कर के कारण उछलकर कार के डैशबोर्ड से जा टकराया, जिससे उसे सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि एयरबैग भी खुल गए। हादसे में शिवांश की नानी और एक अन्य रिश्तेदार भी घायल हो गए।
गंजबासौदा के पड़रिया शिवरामपुर में एक पिता ने शराब के नशे में अपने 10 वर्षीय बेटे के हाथ-पैर बांधकर उसे मोटरसाइकिल से घसीटा, जिससे बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। ग्रामीणों ने बच्चे को बचाया और सरपंच ने उसे अस्पताल पहुंचाया। इस घटना के बाद बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) ने पीड़ित बच्चे और उसके तीन भाई-बहनों को सुरक्षित आश्रय के लिए भोपाल स्थित बाल गृह भेज दिया है। आरोपी पिता के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। ग्रामीणों ने आरोपी के नशे की आदत और पूर्व में बच्चों के साथ मारपीट का आरोप लगाया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ओंकारेश्वर में एक तीन वर्षीय बालक की सेप्टिक टैंक में गिरने से हुई मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित किया जाए तथा दोषी पाए जाने पर बर्खास्त किया जाए। मुख्यमंत्री ने आमजन की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त न करने की बात कही। जिला प्रशासन ने अतिक्रमण नोडल अधिकारी श्री सुरेश चंद्र पाटीदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
लखनऊ के वृंदावन योजना स्थित एएलएस एकेडमी में एक 5 वर्षीय नर्सरी छात्र को कक्षा की मॉनिटर ने 2 मिनट तक पीटा। यह घटना शिक्षिका की अनुपस्थिति में हुई, जब बच्चे ने सिर नीचे करके बैठने की सजा का उल्लंघन किया। मॉनिटर ने बच्चे को लगातार थप्पड़ मारे और उसके बाल खींचे। पूरी घटना सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई। अभिभावकों की शिकायत पर स्कूल प्रशासन और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मॉनिटर को स्कूल से निष्कासित कर दिया गया है, और पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई कर रही है।