ग्वालियर में लाइनमैन हरिओम शर्मा के बेटे हिमांशु शर्मा मंगलवार को ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर एसपी कार्यालय की जनसुनवाई में पहुंचे। उनके पिता चार महीने पहले बिजली सुधार कार्य के दौरान गंभीर रूप से झुलस गए थे, लेकिन अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। हिमांशु का आरोप है कि पुलिस अधिकारियों के पास शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वह पिता को एसपी कार्यालय लाकर लिटा देंगे। परिवार ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
मैहर जिले के घुनवारा विद्युत सब स्टेशन में 5 अगस्त की रात ड्यूटी पर तैनात बिजली कर्मचारियों से मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा का मामला सामने आया है। ऑपरेटर शारदा सोनी और जितेंद्र साहू के साथ सरपंच पति ओम साहू सहित चार लोगों ने कथित तौर पर मारपीट की, लॉग बुक फाड़ दी और जान से मारने की धमकी दी। अमदरा थाना पुलिस ने ओम साहू, सिन्टू साहू, लोकपाल बुंदेला और सचिन चौधरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।
भोपाल के कटारा क्षेत्र में डेयरी चलाने वाले प्रज्ञानंद गायकवाड़ ने बिजली कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि 29 नवंबर 2025 को स्वीकृत लोड बढ़वाने के लिए ₹15,043 जमा करने के बावजूद कंपनी ने उनका लोड नहीं बढ़ाया है। इसके विपरीत, कंपनी की टीम अधिक लोड उपयोग करने के नाम पर लगातार चालान कर रही है। उपभोक्ता ने विभाग की तकनीकी खामी के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराए जाने पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच, तत्काल लोड बढ़ाने और अनुचित चालानी कार्रवाई से राहत की मांग की है।
मप्र विद्युत कर्मचारी संगठन ने भोपाल में आउटसोर्स कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष शिवनारायण राजपूत के नेतृत्व में हजारों कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से समय मांगा और ज्ञापन सौंपा। उनकी प्रमुख मांगों में संविदा कर्मचारी का दर्जा, हरियाणा की तर्ज पर सेवा सुरक्षा नीति, ₹50 लाख का बीमा कवर, आश्रित को नौकरी और जोखिम भत्ते में वृद्धि शामिल हैं। कर्मचारियों ने बैठकों में मिले आश्वासनों के बावजूद मांगों का निराकरण न होने पर नाराजगी व्यक्त की और शीघ्र निर्णय न होने पर आंदोलन को व्यापक करने की चेतावनी दी।
इंदौर में पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल के ठिकानों पर लोकायुक्त के छापे में उनकी संपत्ति 17 करोड़ रुपये आंकी गई है, जो उनके वेतन से 600 गुना अधिक है। इस दौरान 300 ग्राम सोना और 4 किलो चांदी भी बरामद हुई। उनके बेटों की बिजली उपकरण से संबंधित कंपनियों को ठेकेदारों पर दबाव डालकर लाभ पहुँचाने का आरोप है। शुभम इलेक्ट्रिकल कंपनी के खातों में 62 लाख रुपये मिले हैं। लोकायुक्त ने विभागीय कार्रवाई के लिए बिजली कंपनी को जानकारी भेजी है, और जांच जारी है।
टीकमगढ़ जिले के 110 सरकारी स्कूलों में बिजली नहीं है, जिससे हजारों छात्र अंधेरे में पढ़ने को मजबूर हैं। सरकार द्वारा शिक्षा में सुधार के दावों के बावजूद, ये स्कूल बुनियादी सुविधा से वंचित हैं। वर्ष 2025 में इन स्कूलों में बिजली कनेक्शन के लिए ₹56.67 लाख बिजली विभाग को जारी किए गए थे, लेकिन महीनों बाद भी बिजली नहीं पहुंची। शिक्षकों ने कई बार पत्र लिखे हैं। जिला परियोजना समन्वयक आरपी त्रिपाठी ने समस्या को गंभीर बताया और समाधान के प्रयास की बात कही। बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता अजमेर सिंह ने फंड ट्रांसफर की तकनीकी दिक्कतों को प्रक्रिया पूरी न होने का कारण बताया और कहा कि फाइल लंबित है।
ग्वालियर में बुधवार को बिजली वितरण कंपनी द्वारा रखरखाव एवं आवश्यक तकनीकी कार्य के कारण शहर के उत्तर और पूर्व संभाग में चार घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक हथियापौर, जगनापुरा, घोसीपुरा, मेंटल हॉस्पिटल, डीआरपी लाइन, कैलाश विहार, पटेल नगर और बाल भवन फीडर से जुड़े कई इलाकों में बिजली नहीं रहेगी। इन क्षेत्रों में कल्ला बाबा की दरगाह, दादा बाड़ी, मेवाती मोहल्ला, डीआरपी लाइन, श्रीविहार कॉलोनी, मेंटल हॉस्पिटल, पंचशील नगर, कैलाश विहार, आयकर कार्यालय और तानसेन होटल जैसे प्रमुख स्थान शामिल हैं।
इंदौर में बिजली कंपनी के एक सब इंजीनियर के खिलाफ लोकायुक्त ने कार्रवाई की है। प्रारंभिक जांच में उनके बेटे, बहू और रिश्तेदारों के नाम पर ट्रांसफार्मर निर्माण की कई इकाइयां मिली हैं। आरोप है कि प्रभाव का इस्तेमाल कर इन फर्मों को बिजली कंपनी के ठेके दिलवाए जाते थे। लोकायुक्त अब इन फर्मों की हिस्सेदारी और सरकारी ठेकों से जुड़े दस्तावेजों का मिलान कर रही है। मध्य प्रदेश में वर्ष 2026 के पहले छह माह में लोकायुक्त ने 33 ट्रैप और भ्रष्टाचार के प्रकरण दर्ज किए हैं, जिसमें राजस्व विभाग सबसे आगे है।
इंदौर लोकायुक्त टीम ने बिजली कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल के घर पर आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर कार्रवाई की। जांच में सामने आया कि 33 साल की नौकरी के दौरान उन्होंने अपनी कुल आय 2 करोड़ रुपये के मुकाबले 6.5 करोड़ रुपये खर्च किए, जिससे 7.16 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति का खुलासा हुआ, जो उनकी ज्ञात आय का 258 प्रतिशत है। कार्रवाई के दौरान करोड़ों की फैक्ट्रियां, घर, प्लॉट, कार्यालय और एक इलेक्ट्रिक कार सहित सोने-चांदी के आभूषण और नकद भी मिले हैं।
मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल के इंदौर, पीथमपुर, धार और मुरैना स्थित नौ ठिकानों पर लोकायुक्त पुलिस ने छापामार कार्रवाई की। जांच में सेमिल के पास वैध आय से 258 प्रतिशत अधिक, लगभग सात करोड़ सोलह लाख रुपये से अधिक की संपत्ति और निवेश का खुलासा हुआ है। यह संपत्ति उनके 33 वर्ष के सेवाकाल में अर्जित शुद्ध वेतन दो करोड़ रुपये से काफी अधिक है। लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जिसमें करोड़ों की अचल संपत्ति, फर्मों में निवेश और सोने-चांदी की बरामदगी शामिल है।