ग्वालियर के बिलौआ खनन क्षेत्र में उच्च न्यायालय के आदेश पर प्रतिबंधित खदानों की निगरानी के लिए कड़ा सुरक्षा घेरा स्थापित किया गया है। कलेक्टर रुचिका चौहान और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने रविवार को क्षेत्र का निरीक्षण कर अधिकारियों को अवैध उत्खनन और परिवहन रोकने के सख्त निर्देश दिए। आठ चेकिंग प्वाइंट और जांच दल तैनात किए गए हैं, जिनमें खनन, राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी शामिल हैं। मामले की सुनवाई सोमवार को उच्च न्यायालय में होनी है, जिसने पहले ड्रोन सर्वे का आदेश दिया था। प्रशासन की सख्ती से यातायात और माल परिवहन में कमी आई है।
मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने बिलौआ अवैध खनन मामले में सुनवाई करते हुए माइनिंग विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। कोर्ट ने प्रभारी माइनिंग अधिकारी घनश्याम यादव को अशोक सिंह यादव की तीनों खदानों का पिछले दो माह का उत्पादन रिकॉर्ड शपथ-पत्र सहित पेश करने का निर्देश दिया। चेतावनी दी गई कि जानकारी छिपाने या गलत तथ्य प्रस्तुत करने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ अवमानना, भारतीय न्याय संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी। अगली सुनवाई 6 अगस्त को निर्धारित की गई है। कोर्ट ने ग्वालियर कलेक्टर को भी अवैध मार्गों से खनिज परिवहन पर निगरानी की पूरी जिम्मेदारी दी है।