प्रदेशभर के बीएड कॉलेजों में सत्र 2026-27 के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग के जरिए हुए दाखिलों में ‘मार्क्स माफिया’ द्वारा फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। कम अंक वाले 11 अभ्यर्थियों के ऑनलाइन आवेदन में 25-30% तक अंक बढ़ा दिए गए, जिससे वे मेरिट सूची में शीर्ष पर आ गए। एक उदाहरण में, 54% अंकों को 83% किया गया। दलाल इन फर्जी प्रवेशों के लिए अभ्यर्थियों से एक लाख रुपये वसूल रहे थे। यह धोखाधड़ी ऑनलाइन प्रक्रिया, शिक्षक सत्यापन और हेल्प सेंटर की तीन-स्तरीय जांच को धता बताते हुए की गई। प्रेस्टन कॉलेज ने ऐसे छात्रों के प्रवेश निरस्त करने का प्रस्ताव उच्च शिक्षा विभाग को भेजा है।
रायसेन जिले के औबेदुल्लागंज स्थित वीर सावरकर शासकीय महाविद्यालय में बीएड तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा में ‘डमी कैंडिडेट’ बैठाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। लगभग चार माह की जांच के बाद पुलिस ने चार आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर तीन को गिरफ्तार किया है। यह मामला 17 फरवरी को ‘पेडागाजी ऑफ स्कूल’ विषय की परीक्षा के दौरान दो परीक्षार्थियों की पहचान पर संदेह होने से सामने आया। जांच में कृति आनंद की जगह मोनिका विश्वकर्मा और प्रदीप कुमार की जगह मनिभूषण कुमार के परीक्षा देने का खुलासा हुआ। पुलिस इस साजिश में शामिल अन्य लोगों या गिरोह की भूमिका की जांच कर रही है।