भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के त्यागपत्र पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि छात्र आंदोलन के पहले ही दिन प्रधान ने अपना त्यागपत्र पार्टी को सौंपा था, जिसे भाजपा ने पहले अस्वीकार कर दिया था, लेकिन बाद में बदलती परिस्थितियों के कारण स्वीकार कर लिया। विजयवर्गीय ने इसे अनुशासित कार्यकर्ता की पहचान बताया और दावा किया कि प्रधान का त्यागपत्र उन ताकतों की साजिश को विफल करने वाला कदम था, जो छात्र आंदोलन के जरिए देश में अस्थिरता फैलाना चाहती थीं। उन्होंने कांग्रेस पर आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का भी आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खंडवा में बलराम कृषि महोत्सव के दौरान कांग्रेस पर वैचारिक मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने खिलाफत आंदोलन और विभाजन की राजनीति का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर हिंदू-मुस्लिम राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया, जिसके परिणामस्वरूप देश का विभाजन हुआ। डॉ. यादव ने राष्ट्रहित, सामाजिक समरसता और किसान कल्याण पर जोर दिया। इस अवसर पर उन्होंने मध्य प्रदेश के 82 लाख किसानों के खातों में किसान कल्याण योजना के तहत ₹3,300 करोड़ अंतरित किए, जो सरकार की किसान हितैषी नीतियों को दर्शाता है।