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सागर कोर्ट का फैसला: सड़क दुर्घटना में मृत महिला के परिवार को बीमा कंपनी देगी 51.42 लाख रुपये

जिला नवम मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण सागर के न्यायाधीश राजेश सिंह ने सड़क दुर्घटना में मृत सुमतरानी अहिरवार के परिवार को 51 लाख 42 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति राशि देने का आदेश दिया है। न्यायालय ने यह राशि बीमा कंपनी को मृतिका के पति और बच्चों को प्रदान करने का निर्देश दिया। घटना 9 नवंबर 2024 को हुई थी, जब 55 वर्षीय सुमतरानी अहिरवार को एक मालवाहक वाहन ने टक्कर मार दी थी, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। न्यायालय ने महिला की आय को परिवार की कुल आय का एक चौथाई मानते हुए यह फैसला सुनाया।

इंदौर जिला कोर्ट ने सड़क हादसे में आंख गंवाने पर 14 लाख रुपये क्षतिपूर्ति का आदेश दिया

इंदौर जिला कोर्ट ने सड़क हादसे में आंख गंवाने वाले 30 वर्षीय संदीप को 14 लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने माना कि जीवन के लिए दोनों आंखें महत्वपूर्ण हैं, और जिम्मेदार पक्ष अपने दायित्व से बच नहीं सकता। 20 मई 2023 को हुए हादसे में संदीप की बाईं आंख की रोशनी चली गई थी। इसके अतिरिक्त, इंदौर जिला कोर्ट में 5 अगस्त 2026 को अभिभाषकों के लिए एक नि:शुल्क नेत्र शिविर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें आंखों की जांच और मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए जाएंगे। इंदौर को एक स्थाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट भी मिलने वाला है, जिससे शिक्षा-रोजगार मामलों में त्वरित न्याय मिलेगा।

जिला उपभोक्ता आयोग ने कोरोना मेडिक्लेम कटौती को अनुचित माना, बीमा कंपनी को 26,224 रुपये अतिरिक्त देने का आदेश

जबलपुर के जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने एक बीमा कंपनी को परिवादी मंगिलाल चोपड़ा को 26,224 रुपये का अतिरिक्त भुगतान करने का आदेश दिया है। चोपड़ा ने कोरोना उपचार के लिए मेट्रो हॉस्पिटल में इलाज कराया था, जिसका बिल 1.40 लाख रुपये था, जिसमें से बीमा कंपनी ने केवल 66,328 रुपये का भुगतान किया था। आयोग ने बीमा कंपनी द्वारा की गई कटौती को अनुचित मानते हुए यह राशि देय पाई। कंपनी को दो माह के भीतर भुगतान न करने पर वार्षिक ब्याज, मानसिक क्षतिपूर्ति के पांच हजार रुपये और परिवाद व्यय के दो हजार रुपये भी देने होंगे। यह आदेश 12 मई 2026 को पारित हुआ।

ग्वालियर में खरीफ फसल बीमा की अंतिम तिथि 17 अगस्त तक बढ़ी, 42,700 किसानों ने कराया बीमा

ग्वालियर जिले में खरीफ फसलों के बीमा की अंतिम तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर 17 अगस्त कर दी गई है ताकि अधिक किसान लाभ उठा सकें। अब तक 42,700 किसानों ने बीमा कराया है, जो पिछले वर्ष के समान है। हालांकि, अंचल में किसानों की अपेक्षित रुचि नहीं दिख रही है, खासकर अऋणी किसानों में, जिनमें से केवल 90 ने ही बीमा कराया है। बीमा न कराने के पीछे प्रशासनिक विसंगतियां, पटवारी हल्का इकाई प्रणाली, 72 घंटे की जटिल शर्त और फसल कटाई व क्लेम भुगतान में देरी जैसे कारण बताए गए हैं।

उपभोक्ता आयोग ने आदित्य बिरला हेल्थ इंश्योरेंस को ब्याज सहित 1.07 लाख रुपये चुकाने का आदेश दिया

जबलपुर जिला उपभोक्ता आयोग ने आदित्य बिरला हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी को एक बीमाधारक का मेडिक्लेम मनमाने ढंग से निरस्त करने पर 1,07,613 रुपये ब्याज सहित चुकाने का आदेश दिया है। आयोग ने कंपनी को सेवा में कमी का दोषी पाया। जबलपुर निवासी रोहित जैन ने न्यूमोनाइटिस के उपचार पर 1.07 लाख रुपये से अधिक खर्च किए थे, जिसका दावा कंपनी ने 20 मार्च, 2021 को अस्पष्ट आधार पर खारिज कर दिया था। आयोग ने कंपनी को मानसिक कष्ट के लिए 5,000 रुपये और वाद व्यय के लिए 2,000 रुपये अतिरिक्त देने का भी निर्देश दिया है। भुगतान 45 दिन के भीतर करना होगा।