नरसिंहपुर के सालीचौका शासकीय महाविद्यालय में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है, जबकि इसे 2023 में मंजूरी मिली थी। 25 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल एक प्रभारी प्राचार्य हिंदी पढ़ाते हैं, जिससे अन्य विषयों की पढ़ाई ठप है। 75 विद्यार्थी एक जर्जर हॉल में 12 बेंचों पर पढ़ने को विवश हैं, और बारिश में छत से पानी टपकता है। शौचालय, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं। कलेक्टर ने नए भवन और शौचालयों के निर्माण का आश्वासन दिया है।
वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों में तेजी आई है, जहां ‘विशेष केंद्रीय सहायता योजना’ के तहत कार्य किए जा रहे हैं। सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की कमियों को दूर करने के लिए धनराशि जारी की गई है। नक्सल प्रभावित जिलों में 15189 किलोमीटर सड़कें बनाई जा रही हैं और 9497 मोबाइल टावर लगाए गए हैं। साथ ही, 6025 बैंकिंग सेवा वाले पोस्ट ऑफिस और 1321 एटीएम सुविधाएँ भी शुरू की गई हैं, जिससे इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है।
टीकमगढ़ जिले के 110 सरकारी स्कूलों में बिजली नहीं है, जिससे हजारों छात्र अंधेरे में पढ़ने को मजबूर हैं। सरकार द्वारा शिक्षा में सुधार के दावों के बावजूद, ये स्कूल बुनियादी सुविधा से वंचित हैं। वर्ष 2025 में इन स्कूलों में बिजली कनेक्शन के लिए ₹56.67 लाख बिजली विभाग को जारी किए गए थे, लेकिन महीनों बाद भी बिजली नहीं पहुंची। शिक्षकों ने कई बार पत्र लिखे हैं। जिला परियोजना समन्वयक आरपी त्रिपाठी ने समस्या को गंभीर बताया और समाधान के प्रयास की बात कही। बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता अजमेर सिंह ने फंड ट्रांसफर की तकनीकी दिक्कतों को प्रक्रिया पूरी न होने का कारण बताया और कहा कि फाइल लंबित है।