मध्यप्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के गृह विधानसभा क्षेत्र इछावर के कचनारिया गांव में एक बुजुर्ग व्यक्ति के निधन के बाद ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए उफनती नदी पार कर शव ले जाना पड़ा। गांव में श्मशान घाट तक पुल न होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर कंधों पर शव ढोया। करण सिंह वर्मा 35 वर्षों से अधिक समय से विधायक हैं, फिर भी गांव बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। स्थानीय निवासियों में आक्रोश है और वे श्मशान घाट मार्ग पर पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं।
इंदौर के 83 करोड़ की लागत से बने नए जिला अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 17 जुलाई को इसका शुभारंभ किया था, लेकिन यह पूरी क्षमता से चालू नहीं हो पाया है। वर्तमान में केवल 50 बेड और प्रसूति सेवाएं उपलब्ध हैं, जबकि अन्य गंभीर बीमारियों के मरीजों को दूसरे अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। परिजनों को खुद स्ट्रेचर ढोना पड़ रहा है, पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है, लिफ्ट बंद पड़ी है और आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की कमी के कारण तैयार वार्डों में मरीज भर्ती नहीं हो पा रहे हैं।