रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में हजारों छात्रों ने सरकारी नौकरी में निष्पक्षता और न्याय की मांग को लेकर आंदोलन किया। कई युवा वर्षों से तैयारी कर रहे हैं, लेकिन भर्ती परीक्षाओं में विवादों के कारण निराश हैं। कुछ छात्रों ने बताया कि उनकी पढ़ाई के लिए मां का मंगलसूत्र बिका और खेत गिरवी रखे गए। उनका कहना है कि अगर परीक्षाएं निष्पक्ष नहीं होंगी तो मेहनत का कोई मतलब नहीं। वे उम्र सीमा खत्म होने के डर से भी जूझ रहे हैं। आरती पांडेय और प्रदीप जैसे छात्र अपनी आपबीती सुनाते हुए निष्पक्षता की अपील कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश में दीनदयाल जन आजीविका योजना-शहरी (DJAY-S) के तहत युवाओं के ऋण आवेदन खारिज होने की दर देश में सर्वाधिक रही है। 284 से अधिक आवेदनों में से 138 सीधे अस्वीकृत कर दिए गए। युवाओं ने ₹15.83 करोड़ के ऋण की मांग की थी, लेकिन केवल ₹84.1 लाख (5.3%) का ही वितरण हो सका। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) में भी मध्य प्रदेश को बड़ा झटका लगा है, जहां वित्तीय वर्ष 2021-22 में ₹209.58 करोड़ की मार्जिन मनी सब्सिडी घटकर वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹84.29 करोड़ रह गई है।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि उसकी ‘गलत’ आर्थिक और रोजगार नीतियों के कारण देश का रोजगार बाजार ‘गहरे संकट’ में है। पार्टी ने कहा कि युवाओं को केवल रील्स नहीं, बल्कि नौकरियां चाहिए। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक मीडिया रिपोर्ट साझा करते हुए बताया कि शीर्ष 11 कंपनियों में नई भर्तियों में 27% की गिरावट आई है, जो गंभीर रोजगार संकट का संकेत है। उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र की खराब स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की और सरकार पर समाधान तलाशने के बजाय ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।
नीट पेपर लीक मुद्दे पर कांग्रेस ने जेनरेशन-जेड और विद्यार्थियों पर ध्यान केंद्रित किया है। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को देशभर के शिक्षा केंद्रों में छात्र संवाद आयोजित करने का निर्देश दिया है। इंदौर में तीन नेता तीन अलग-अलग स्थानों पर संवाद करेंगे, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब रविंद्र नाट्य गृह में युवा संवाद करेंगे। दिल्ली से नेताओं के नाम तय किए गए हैं, और बिना राजनीतिक शोर-शराबे के आयोजन के निर्देश हैं। इन संवादों में कोचिंग खर्च, पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे मुद्दे उठाए जाएंगे।
मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में बेरोजगारी और किसानों के मुद्दे प्रमुख रहे। सदन में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, पिछले छह माह में कुल पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या में कमी आई है, लेकिन स्नातक और स्नातकोत्तर शिक्षित बेरोजगारों की संख्या में 1.12 लाख की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। दिसंबर 2025 में यह संख्या 6.17 लाख थी जो जून 2026 तक बढ़कर 7.29 लाख हो गई। रीवा में सर्वाधिक जबकि पांढुर्ना में सबसे कम बेरोजगार पंजीकृत हैं। कांग्रेस ने खाद-बीज की उपलब्धता और अल्पवर्षा को लेकर सरकार को घेरा, जिस पर मंत्रियों ने पर्याप्त भंडारण और कार्रवाई का आश्वासन दिया।
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने विधानसभा में प्रस्तुत समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक का विरोध किया। उन्होंने इसे राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया और आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बेरोजगारी, किसानों की बदहाली, शिक्षा, स्वास्थ्य, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे वास्तविक मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए यूसीसी का मुद्दा उठा रही है। पटवारी ने जोर दिया कि सरकार की प्राथमिकता जनता के मुद्दे होने चाहिए। उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का भी विरोध किया और प्रदेश सरकार से बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था तथा निवेशक सम्मेलनों पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की।