मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने साइबर धोखाधड़ी मामलों में बैंक खाते फ्रीज करने की प्रक्रिया पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि विवादित राशि स्पष्ट होने पर पूरे खाते को फ्रीज करना उचित नहीं, बल्कि जांच एजेंसियां केवल संदिग्ध राशि पर डेबिट फ्रीज लगाएं। पूरे खाते को असाधारण परिस्थितियों में ही फ्रीज किया जा सकता है, जिसके लिए कारण दर्ज करना अनिवार्य होगा। यह फैसला भोपाल निवासी अर्चना शिवहरे की याचिका पर आया, जिनका 2.51 करोड़ रुपये का खाता मात्र 980 रुपये के संदिग्ध लेनदेन के कारण फ्रीज कर दिया गया था। कोर्ट ने शिकायत निवारण और खाता सक्रियण के लिए समय-सीमा भी निर्धारित की है।
शहडोल जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के सीईओ संतोष कुमार यादव को गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। मध्य प्रदेश राज्य सहकारी बैंक, भोपाल ने यह कार्रवाई अधिवक्ता कुणाल ठाकुर की शिकायत पर गठित जांच दल की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर की है। प्रारंभिक जांच में धान उपार्जन वर्ष 2023-24 में अधिक व्यय दर्शाने, निजी खातों में धन हस्तांतरण और अवैध वसूली जैसे आरोप सामने आए हैं। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) रीवा भी यादव के विरुद्ध वित्तीय गड़बड़ी और पद के दुरुपयोग के मामलों की जांच कर रहा है।
मध्यप्रदेश के आलीराजपुर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में 24 लाख 12 हजार 326 रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई है। बैंक की एक शाखा से यह नकद राशि गायब मिली, जिसके बाद लेखापाल सह कैशियर वेलसिंह पलासिया फरार हो गए। बैंक प्रबंधन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पलासिया और शाखा के प्रभारी प्रबंधक जामसिंह भाभर को निलंबित कर दिया है। एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह लगातार दूसरी बार है जब बैंक में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है, जिससे खाताधारकों में चिंता बढ़ गई है।