मध्य प्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (एमपी-यूडीसी) ने सूरत की इंजीनियरिंग प्रोफेशनल कंपनी प्रा.लि. को जाली बैंक गारंटी के आधार पर 6.57 करोड़ रुपये का ठेका दिया था। काम पूरा होने के बाद भौतिक सत्यापन में बैंक ऑफ इंडिया और आईसीआईसीआई बैंक द्वारा जारी की गई आठों बैंक गारंटी फर्जी पाई गईं। एमपी-यूडीसी के वित्त नियंत्रक सौरभ तिवारी ने भोपाल के एमपी नगर थाने में कंपनी के विरुद्ध धोखाधड़ी और जालसाजी की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन कंपनी संचालकों के मोबाइल नंबर बंद मिले हैं।