भोपाल के यूनियन कार्बाइड कारखाने के आसपास दूषित पेयजल आपूर्ति का मामला गहरा गया है। गैस पीड़ित संगठनों की रिपोर्ट में पानी में ‘फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया’ पाए जाने के बाद नगर निगम ने भले ही शुद्ध पेयजल का दावा किया हो, लेकिन ‘नवदुनिया’ टीम के ब्लूमून कॉलोनी के निरीक्षण में सच्चाई सामने आई। पेयजल पाइपलाइनें गंदगी और नालियों के बीच दबी मिलीं। स्थानीय निवासियों ने गंदे पानी से बीमारी, चूहे निकलने और मरम्मत न होने की शिकायत की है। एक बच्चे को टाइफाइड होने की बात भी सामने आई है।