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सावन के दूसरे सोमवार पर ग्वालियर के शिवालयों में उमड़ी भीड़, कोटेश्वर महादेव में हुआ जलाभिषेक

सावन के दूसरे सोमवार को ग्वालियर के शिवालय ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठे। प्राचीन कोटेश्वर महादेव मंदिर में तड़के से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी, जिन्होंने लंबी कतारों में लगकर भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक किया। भक्तों ने भोलेनाथ को जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। सिंधिया राजवंश से जुड़े इस मंदिर का ऐतिहासिक महत्व भी है, जिसके कारण सावन माह में ग्वालियर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग महादेव मंदिर सुगंधित फूलों से भव्य रूप से सजाया गया

श्रावण मास के दूसरे सोमवार पर ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग नगरी में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग महादेव के मंदिर को गर्भगृह से लेकर पूरे परिसर तक कई क्विंटल सुगंधित फूलों से भव्य रूप से सजाया गया। यह विशेष पुष्प शृंगार पूरी रात चला, जिसमें महेश्वर और उज्जैन के पंडितों और दक्ष कारीगरों ने सहयोग दिया। सोमवार सुबह मंदिर के पट खुलने पर श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ के अलौकिक और मनोहारी स्वरूप के दर्शन कर भावविभोर हो उठे।

रामेश्वरम से इंदौर तक 2100 किमी डाक कावड़ यात्रा, 171 घंटे में होगी पूरी

इस वर्ष तमिलनाडु स्थित रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग से इंदौर तक 2100 किलोमीटर की नॉनस्टॉप सीताराम डाक कावड़ यात्रा 171 घंटों में पूरी होगी। अरण्यधाम संत आश्रम के संस्थापक महामंडलेश्वर रामजी बाबा द्वारा 2015 में शुरू की गई इस परंपरा में श्रद्धालु सावन माह में महादेव का जलाभिषेक करते हैं। 10 अगस्त को इंदौर से 250-300 श्रद्धालुओं का जत्था रामेश्वरम के लिए रवाना होगा, और 15 अगस्त को वहां से यात्रा की शुरुआत होगी। यात्रा के दौरान खान-पान के लिए 25 सदस्यीय रसोइयों का दल भी साथ रहेगा, जिसमें प्रत्येक कांवड़िया 150-200 किलोमीटर की दूरी बारी-बारी से दौड़ेगा।

सांवलिया सेठ मंदिर: गुमनाम श्रद्धालु ने चढ़ाई 11 किलो चांदी

चित्तौड़गढ़ के मंडफिया स्थित श्री सांवलिया सेठ मंदिर में मध्य प्रदेश के देवास से आए एक श्रद्धालु ने अपनी मनोकामना पूरी होने पर 11 किलोग्राम चांदी अर्पित की। श्रद्धालु ने अपनी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी, जिसकी पुष्टि मंदिर मंडल के प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र सिंह ने की। गुमनाम रहकर की गई यह निष्काम भक्ति और निस्वार्थ दान मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। यह घटना मंदिर में श्रद्धालुओं की गहरी आस्था को दर्शाती है।