मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों के 4,573 स्वीकृत पदों में से 2,581 पद (56.44%) खाली हैं। वहीं, 24 विशेषज्ञ डॉक्टर स्वास्थ्य संचालनालय में प्रशासनिक कार्य कर रहे हैं, जिनमें तीन स्त्री रोग विशेषज्ञ 25 वर्षों से पदस्थ हैं। इस कमी के कारण जिला अस्पतालों में इलाज और ऑपरेशन जैसी सेवाएं प्रभावित हो रही हैं, और मरीजों को बड़े शहरों में रेफर करना पड़ रहा है। सरकार भर्ती प्रक्रिया चला रही है, लेकिन रिक्त पदों की तुलना में रफ्तार धीमी है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में समस्या और गंभीर है।
भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती की शारीरिक परीक्षा अक्टूबर के पहले-दूसरे सप्ताह में सागर के इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज मैदान में होगी। इसमें मध्य प्रदेश के 10 जिलों से लगभग 12 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे, जिनमें से 70% भिंड, मुरैना और ग्वालियर के हैं। अप्रैल में हुई लिखित परीक्षा में 12 हजार अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए थे। भिंड और मुरैना के अभ्यर्थियों को सीमित ट्रेन सेवाओं के कारण सागर पहुंचने में चुनौती का सामना करना पड़ सकता है, जिसके लिए उन्हें पहले ग्वालियर आना होगा। सेना अधिकारी रेलवे को विशेष ट्रेन चलाने या बोगियां बढ़ाने के लिए पत्र लिखेंगे।