उज्जैन के प्रसिद्ध बड़े गणेश मंदिर में स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त से चार दिन पहले, 11 अगस्त को श्रावण कृष्ण चतुर्दशी तिथि पर मनाया गया। यह मंदिर अंग्रेजी कैलेंडर की बजाय हिंदू पंचांग के अनुसार आजादी का जश्न मनाने की प्राचीन परंपरा का पालन करता है। 1947 में देश की आजादी भी श्रावण कृष्ण चतुर्दशी को हुई थी, जिसके मुहूर्त का निर्धारण उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पंडित सूर्य नारायण व्यास ने तत्कालीन राष्ट्रीय नेतृत्व, विशेषकर डॉ. राजेंद्र प्रसाद के परामर्श पर किया था। यह परंपरा 79 वर्षों से व्यास परिवार द्वारा निजी और धार्मिक स्तर पर आयोजित की जा रही है, जिसमें अब हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं।
बंडा नगर और ग्रामीण क्षेत्रों की शैक्षणिक संस्थाओं में गुरु पूर्णिमा महोत्सव भारतीय परंपरा के अनुसार मनाया गया। छात्र-छात्राओं ने अपने गुरुजनों का पूजन, आरती कर उपहार भेंट किए। सांदीपनि विद्यालय में सेवानिवृत्त शिक्षक एनके कन्हौआ मुख्य अतिथि रहे, जबकि पीएम श्री कन्या शाला और राजीव गांधी शासकीय महाविद्यालय में भी विशेष कार्यक्रम हुए। अनेक स्कूलों में गुरु पूर्णिमा पर कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां शिष्यों ने गुरुओं का आशीर्वाद लिया।