मध्यप्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है, जिसके चलते 21 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने राजगढ़, विदिशा, सीहोर, हरदा और देवास में अगले 24 घंटों में लगभग 8 इंच बारिश की चेतावनी दी है। भोपाल में रविवार रात से ही तेज बारिश जारी है। हालांकि, प्रदेश में अब तक कुल बारिश सामान्य से 19 प्रतिशत कम है, जिसमें पूर्वी मध्यप्रदेश में 20 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 18 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। अगले दो दिनों तक मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रहने की संभावना है।
मध्य प्रदेश में पिछले चार दिनों से भारी बारिश थमने के कारण मानसून सुस्त पड़ गया है। मौसम विभाग ने 5 अगस्त तक ऐसी ही स्थिति रहने का अनुमान लगाया है, लेकिन 6 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मानसून पुनः सक्रिय होगा और कई जिलों में तेज बारिश की संभावना है। प्रदेश में अब तक औसतन 404.2 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जो सामान्य से 16 प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 20 प्रतिशत और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 11 प्रतिशत की कमी है, हालांकि कुछ जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है।
मध्य प्रदेश में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण आगामी चार दिनों तक वर्षा की गतिविधियों में बढ़ोतरी की संभावना है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 51 जिलों के लिए वर्षा का अलर्ट जारी किया है, जिसमें रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट तथा भोपाल, सीहोर और बैतूल सहित 46 अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट शामिल है। मंगलवार को दतिया के इंदरगढ़ में सर्वाधिक 24 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि कई जिलों में उमस भरी गर्मी बनी रही।