जबलपुर स्थित आर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया (ओएफके) भारतीय सेना के लिए स्वदेशी और अत्याधुनिक सैन्य साजो-सामान का एक प्रमुख उत्पादन केंद्र बनने जा रही है। ऑपरेशन सिंदूर में एल-70 एंटी एयरक्राफ्ट गन के प्रभावी प्रदर्शन के बाद यहां उत्पादन को नई गति दी जाएगी। इसमें 120, 220, 450 किलोग्राम और थाउजेंड पाउंडर बमों की नई खेप शामिल है। राफेल और जगुआर जैसे लड़ाकू विमानों के लिए 500 और 1000 किलोग्राम के स्वदेशी जनरल पर्पस एरियल बम, 250 किलोग्राम के बंकर-बख्तरबंद ध्वस्त करने वाले बम और 125 मिमी एफएसएपीडीएस टैंकभेदी गोला-बारूद भी तैयार होगा।
केंद्र सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) और असम राइफल्स में कॉन्स्टेबल (GD) व राइफलमैन (GD) के पदों पर 50% आरक्षण की घोषणा की है। गृह मंत्रालय ने लोकसभा में बताया कि उन्हें फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट, फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट और लिखित परीक्षा से भी छूट दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, गृह मंत्रालय ने एक्स-अग्निवीर विंग की स्थापना की है, जो उनके भविष्य और रोजगार के अवसरों को बेहतर बनाने के लिए समन्वय करेगा। कई राज्यों ने भी अपनी पुलिस व अन्य सुरक्षा सेवाओं में अग्निवीरों के लिए विशेष आरक्षण और आयु सीमा में छूट की घोषणा की है।