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पश्चिम बंगाल: सरकारी इंजीनियर ₹2 लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल के झारग्राम जिले में सरकारी इंजीनियर विमल साहा को एक ठेकेदार से 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। यह रिश्वत एक सरकारी निर्माण परियोजना के बिल को मंजूरी देने के बदले मांगी गई थी। पुदुचेरी में भारी बारिश के कारण दीवार गिरने से एक व्यक्ति की मौत की आशंका है, जहां बचाव अभियान जारी है और मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का दौरा किया। वहीं, सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ 16 अगस्त से नेपाल की पांच दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे, जो दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

भारतीय सेना 2,500 से अधिक लॉजिस्टिक्स ड्रोन खरीदेगी, 20,000 फीट तक पहुंचाएंगे हथियार-राशन

भारतीय सेना चीन और पाकिस्तान सीमा पर तैनात जवानों के लिए 2,500 से अधिक लॉजिस्टिक्स ड्रोन खरीदने जा रही है। ये ड्रोन 20,000 फीट की ऊंचाई तक हथियार, राशन और दवाइयां पहुंचाने में सक्षम होंगे। यह पहल सियाचिन, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में तेजी से आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। सेना ने खरीद के लिए RFI जारी की है और ड्रोन विभिन्न ऊंचाई, तापमान और 10-20 किमी की दूरी पर काम कर सकेंगे। इनमें GPS, NavIC और एंटी-जैमिंग जैसी आधुनिक तकनीकें होंगी, जिससे सैन्य अभियानों की दक्षता बढ़ेगी।

डाक विभाग ने इंदौर में 24 घंटे सेल्फ बुकिंग कियोस्क और रक्षाबंधन के लिए विशेष सेवाएं शुरू कीं

डाक विभाग ने रक्षाबंधन के अवसर पर लोगों की सुविधा के लिए इंदौर में कई नई सेवाएं शुरू की हैं। इंदौर जीपीओ परिसर में पोस्टमास्टर जनरल गौरव श्रीवास्तव ने 24 घंटे संचालित होने वाले आधुनिक सेल्फ बुकिंग कियोस्क का उद्घाटन किया। इस कियोस्क के माध्यम से ग्राहक किसी भी समय स्पीड पोस्ट और पार्सल बुक कर सकेंगे, जिससे लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी। राखी भेजने के लिए विशेष काउंटर नंबर-8 भी स्थापित किया गया है और सैनिकों के लिए विशेष लेटर बॉक्स उपलब्ध कराए गए हैं। विभाग ने राखी से संबंधित डाक पर 10% की छूट की भी घोषणा की है, साथ ही समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव नियुक्त किए हैं।

प्रधान आरक्षक विष्णु बघेल का परसवाड़ा में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

प्रधान आरक्षक विष्णु बघेल का पार्थिव शरीर गुरुवार को उनके गृह ग्राम परसवाड़ा लाया गया, जहां असम के नागांव जिले में एक सीआरपीएफ कैंप में हुई गोलीबारी में उनकी शहादत हुई थी। तिरंगे में लिपटे ताबूत के गांव पहुंचने पर माहौल गमगीन हो गया। क्षेत्रीय विधायक मधु भगत, एसडीएम, तहसीलदार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों की उपस्थिति में शेरपार रोड शक्ति घाट पर राजकीय सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। यह घटना एएसआई बल्लानी प्रेमाबरम द्वारा की गई अंधाधुंध गोलीबारी के कारण हुई थी, जिसमें एसआई रामनवाल सिंह यादव भी शहीद हुए और आरोपी ने बाद में आत्महत्या कर ली।

मेजर हमजा आरिफ को इंदौर में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई

मेजर हमजा आरिफ को रविवार को इंदौर में राजकीय एवं सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। जैसलमेर (राजस्थान) में दुर्घटना में उनके निधन के बाद हजारों लोगों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी। सैफी नगर मस्जिद परिसर में जनाजे की नमाज अदा की गई, जिसके बाद इमली बाजार स्थित दाऊदी बोहरा कब्रिस्तान में सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर और अंतिम सलामी दी। सुपुर्दे खाक से पहले सम्मान का तिरंगा उनकी पत्नी ज्योति अरोड़ा को सौंपा गया। मेजर हमजा ने देश सेवा के लिए बड़ी कंपनियों के प्लेसमेंट को छोड़कर सेना में शामिल होने का विकल्प चुना था।

कारगिल युद्ध की स्मृतियां 27 साल बाद भी ताजा, सूबेदार लक्ष्मण सिंह ने याद किए संघर्ष के पल

कारगिल विजय को 27 वर्ष बीत जाने के बाद भी सूबेदार लक्ष्मण सिंह जैसे रणबांकुरों की स्मृतियों में युद्ध के पल ताजा हैं। इंदौर निवासी सूबेदार लक्ष्मण सिंह, जो 18 गढ़वाल राइफल्स में थे, ने द्रास, तोलोलिंग और बटालिक सेक्टर में पाकिस्तान के घुसपैठियों से भारतीय चौकियों को मुक्त कराने के संघर्ष को याद किया। उन्होंने घायल साथियों को कंधों पर ढोकर बेस कैंप तक पहुंचाने का कार्य किया और अपने शहीद साथी राइफलमैन विक्रम सिंह के बेटे को भी 18 गढ़वाल राइफल्स में देश सेवा करते देख गर्व महसूस करते हैं। युद्ध के दौरान 527 भारतीय सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया।

कारगिल युद्ध: भारतीय सेना ने साहस और तोपखाने से ऊंची चोटियों पर दुश्मन को हराया

कारगिल युद्ध भारतीय सेना के साहस, धैर्य और सैन्य कौशल का प्रतीक है, जिसे हर साल 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के रूप में याद किया जाता है। वर्ष 1999 में द्रास, बटालिक सहित दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में लड़े गए इस युद्ध में भारतीय सैनिकों ने सीमित ऑक्सीजन और ऊंची चोटियों पर दुश्मन की मौजूदगी जैसी विषम चुनौतियों का सामना किया। सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती सामरिक बढ़त के बावजूद, भारतीय सेना ने सुनियोजित अभियान, असाधारण साहस और प्रभावी तोपखाना समर्थन से सभी ठिकानों को मुक्त कराया। युद्ध में 527 सैनिक शहीद हुए और 1,300 से अधिक घायल हुए।

जबलपुर ओएफके स्वदेशी हाईटेक सैन्य साजो-सामान का प्रमुख उत्पादन केंद्र बनेगी

जबलपुर स्थित आर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया (ओएफके) भारतीय सेना के लिए स्वदेशी और अत्याधुनिक सैन्य साजो-सामान का एक प्रमुख उत्पादन केंद्र बनने जा रही है। ऑपरेशन सिंदूर में एल-70 एंटी एयरक्राफ्ट गन के प्रभावी प्रदर्शन के बाद यहां उत्पादन को नई गति दी जाएगी। इसमें 120, 220, 450 किलोग्राम और थाउजेंड पाउंडर बमों की नई खेप शामिल है। राफेल और जगुआर जैसे लड़ाकू विमानों के लिए 500 और 1000 किलोग्राम के स्वदेशी जनरल पर्पस एरियल बम, 250 किलोग्राम के बंकर-बख्तरबंद ध्वस्त करने वाले बम और 125 मिमी एफएसएपीडीएस टैंकभेदी गोला-बारूद भी तैयार होगा।

पूर्व अग्निवीरों के लिए CAPF, असम राइफल्स में 50% आरक्षण की घोषणा

केंद्र सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) और असम राइफल्स में कॉन्स्टेबल (GD) व राइफलमैन (GD) के पदों पर 50% आरक्षण की घोषणा की है। गृह मंत्रालय ने लोकसभा में बताया कि उन्हें फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट, फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट और लिखित परीक्षा से भी छूट दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, गृह मंत्रालय ने एक्स-अग्निवीर विंग की स्थापना की है, जो उनके भविष्य और रोजगार के अवसरों को बेहतर बनाने के लिए समन्वय करेगा। कई राज्यों ने भी अपनी पुलिस व अन्य सुरक्षा सेवाओं में अग्निवीरों के लिए विशेष आरक्षण और आयु सीमा में छूट की घोषणा की है।